{"_id":"5b0040354f1c1bcf408b6735","slug":"191526743093-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मकान खाली करने का नोटिस लें वापस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मकान खाली करने का नोटिस लें वापस
Updated Sat, 19 May 2018 09:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू।
वन विभाग ने अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने 15 परिवारों को मकान व सेब के शेड खाली करने के नोटिस जारी कर दिए हैं। हाल ही में जुब्बल तहसील में 53 परिवारों के सेब के अवैध पेड़ काटे गए हैं। इनमें से 15 परिवारों ने अपने मकान व शेड वन भूमि पर बनाए हैं। डीएफओ रोहड़ू की ओर से निर्देश भी जारी किए हैं। इसके बाद किसान जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। कहा कि अगर ऐसा नहीं किया तो प्रदर्शन किया जाएगा।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि डीएफओ ने मलकीयत भूमि पर पौधे काटे हैं। समिति के राजिंद्र तेजटा, जय सिंह जेटा, हरश्व गमट, घनश्याम मांटा, बालक राम राजटा, भीम सिंह ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि गरीब किसानों के मकान हटाने के इन निर्देशों को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने डीएफओ रोहड़ू के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज करने की मांग की है। उधर, डीएफओ रोहड़ू सीबी ने कहा कि वन भूमि पर 15 परिवारों के ढारे व मकान पाए गए हैं। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर उनको खाली करने का समय दिया गया है। इसके बाद सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
रोहड़ू।
वन विभाग ने अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने 15 परिवारों को मकान व सेब के शेड खाली करने के नोटिस जारी कर दिए हैं। हाल ही में जुब्बल तहसील में 53 परिवारों के सेब के अवैध पेड़ काटे गए हैं। इनमें से 15 परिवारों ने अपने मकान व शेड वन भूमि पर बनाए हैं। डीएफओ रोहड़ू की ओर से निर्देश भी जारी किए हैं। इसके बाद किसान जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। कहा कि अगर ऐसा नहीं किया तो प्रदर्शन किया जाएगा।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि डीएफओ ने मलकीयत भूमि पर पौधे काटे हैं। समिति के राजिंद्र तेजटा, जय सिंह जेटा, हरश्व गमट, घनश्याम मांटा, बालक राम राजटा, भीम सिंह ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि गरीब किसानों के मकान हटाने के इन निर्देशों को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने डीएफओ रोहड़ू के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज करने की मांग की है। उधर, डीएफओ रोहड़ू सीबी ने कहा कि वन भूमि पर 15 परिवारों के ढारे व मकान पाए गए हैं। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर उनको खाली करने का समय दिया गया है। इसके बाद सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन