{"_id":"5b8ab82f42c792401c54d75c","slug":"181535817775-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुम्मा में 25 करोड़ रुपये की लागत से लगेगा आधुनिक फल विधायन सयंत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुम्मा में 25 करोड़ रुपये की लागत से लगेगा आधुनिक फल विधायन सयंत्र
Updated Sat, 01 Sep 2018 09:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुम्मा में बनेगा फल विधायन संयंत्र
कोटखाई (रोहड़ू)। गुम्मा में प्रस्तावित आधुनिक फल विधायन संयंत्र का निर्माण कार्य शिलान्यास के छह वर्षों बाद अब जाकर शुरू होने जा रहा है। 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रदेश का दूसरा फल विधायन संयंत्र होगा। विधानसभा प्रश्नकाल के दौरान विधायक नरेंद्र बरागटा की मांग पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधायन संयंत्र निर्माण की डीपीआर तैयार कर शीघ्र निर्माण आरंभ करने के निर्देश दे दिए हैं।
गुम्मा में आधुनिक फल विधायन संयंत्र का शिलान्यास 22 सितंबर 2012 को तत्कालीन बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने किया था। अभी प्रदेश में एचपीएमसी का एकमात्र संयंत्र परवाणु में है। संयंत्र में 10 मीट्रिक टन प्रति घंटा सेब का जूस निकालने की क्षमता तैयार करने की योजना था। जिससे बागवानों की आर्थिकी के साथ सेब जूस उत्पादन में क्षेत्र को विश्व स्तर पर अलग पहचान मिलनी थी। अभी सेब को बोरियों में भरकर परवाणु संयंत्र पहुंचाया जाता है। जिससे तीस प्रतिशत सेब खराब हो जाता है। सेब खराब होने से एचपीएमसी को भी भारी नुकसान होता है। बागवानों को अब घरद्वार विधायन संयंत्र की सुविधा प्राप्त होगी। सेब की अधिक फसल लगने पर ही बागवानों को सेब अब बगीचों में नहीं सड़ेगा।
एचपीएमसी के शाखा प्रबंधक रमेश चौहान ने बताया कि आधुनिक फल विधायन संयंत्र गुम्मा में लगना था लेकिन अभी तक यह योजना अधर में थी। संयंत्र स्थापित होने से बागवानों के साथ एचपीएमसी को भी काफी लाभ होगा।
विज्ञापन
पूर्व बागवानी मंत्री एवं विधायक नरेंद्र बरागटा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकाल के दौरान संयंत्र लगाने की योजना को राजनीतिक द्वेष की भावना से अधर में लटकाया गया। क्षेत्र के बागवानों के लिए यह काफी बड़ी योजना थी। जिसका भविष्य में बागवानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने योजना की डीपीआर तैयार कर शीघ्र निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
कोटखाई (रोहड़ू)। गुम्मा में प्रस्तावित आधुनिक फल विधायन संयंत्र का निर्माण कार्य शिलान्यास के छह वर्षों बाद अब जाकर शुरू होने जा रहा है। 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रदेश का दूसरा फल विधायन संयंत्र होगा। विधानसभा प्रश्नकाल के दौरान विधायक नरेंद्र बरागटा की मांग पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधायन संयंत्र निर्माण की डीपीआर तैयार कर शीघ्र निर्माण आरंभ करने के निर्देश दे दिए हैं।
गुम्मा में आधुनिक फल विधायन संयंत्र का शिलान्यास 22 सितंबर 2012 को तत्कालीन बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने किया था। अभी प्रदेश में एचपीएमसी का एकमात्र संयंत्र परवाणु में है। संयंत्र में 10 मीट्रिक टन प्रति घंटा सेब का जूस निकालने की क्षमता तैयार करने की योजना था। जिससे बागवानों की आर्थिकी के साथ सेब जूस उत्पादन में क्षेत्र को विश्व स्तर पर अलग पहचान मिलनी थी। अभी सेब को बोरियों में भरकर परवाणु संयंत्र पहुंचाया जाता है। जिससे तीस प्रतिशत सेब खराब हो जाता है। सेब खराब होने से एचपीएमसी को भी भारी नुकसान होता है। बागवानों को अब घरद्वार विधायन संयंत्र की सुविधा प्राप्त होगी। सेब की अधिक फसल लगने पर ही बागवानों को सेब अब बगीचों में नहीं सड़ेगा।
विज्ञापन
एचपीएमसी के शाखा प्रबंधक रमेश चौहान ने बताया कि आधुनिक फल विधायन संयंत्र गुम्मा में लगना था लेकिन अभी तक यह योजना अधर में थी। संयंत्र स्थापित होने से बागवानों के साथ एचपीएमसी को भी काफी लाभ होगा।
विज्ञापन
पूर्व बागवानी मंत्री एवं विधायक नरेंद्र बरागटा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकाल के दौरान संयंत्र लगाने की योजना को राजनीतिक द्वेष की भावना से अधर में लटकाया गया। क्षेत्र के बागवानों के लिए यह काफी बड़ी योजना थी। जिसका भविष्य में बागवानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने योजना की डीपीआर तैयार कर शीघ्र निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए हैं।