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पर्याप्त बर्फबारी न होने से बागवान चिंतित
Updated Tue, 06 Feb 2018 09:12 PM IST
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भावानगर (किन्नौर)।
सेब उत्पादन के लिए विश्वभर में पहचाने जाने वाले किन्न्नौर जिले के लोगों को एक बार फिर मौसम दगा दे गया है। इस बर्ष किन्नौर जिले के सेब बागवान पर्याप्त बर्फबारी न होने के कारण आगामी सेब की फसल को लेकर चिंतित हैं। जिले की आर्थिकी को मजबूत करने वाली सेब की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सोमवार की रात जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्र में हल्की बर्फबारी तो हुई लेकिन पर्याप्त बर्फबारी न होने से किसान और बागवान अब भी मायूस हैं। स्थानीय लोग अपने-अपने ईष्ट देवताओं से पर्याप्त बर्फबारी की प्रार्थना कर रहे हैं। गौरतलब है कि किन्नौर जिले के लोगों की आर्थिकी का मुख्य साधन सेब पर ही टिका है। ऐसे में उम्दा सेब की फसल के लिए पर्याप्त बर्फबारी का होना बेहद जरूरी है। अगर एक सप्ताह के बीच बारिश और बर्फबारी न हुई तो सेब की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। जनवरी और फरवरी में पर्याप्त बर्फबारी न होना किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
क्षेत्र के बागवान पवन नेगी, सुरेंद्र नेगी, शंकर मेहता और रमेश ने बताया कि सेब की अच्छी फसल के लिए पर्याप्त बर्फबारी का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस बार लगातार बारिश न होना किसानों और बागवानों के लिए चिंता का विषय है। उधर, बागवानी विभाग भावानगर के प्रसार अधिकारी रूपेश नेगी ने बताया निचले क्षेत्रों में बर्फबारी न होने से चिलिंग आवर्स में समस्या हो सकती है, जबकि ऊपरी क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट होने के कारण सेब की पौधों में चिलिंग आवर्स पूर्ण होने की संभावना है।
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सेब उत्पादन के लिए विश्वभर में पहचाने जाने वाले किन्न्नौर जिले के लोगों को एक बार फिर मौसम दगा दे गया है। इस बर्ष किन्नौर जिले के सेब बागवान पर्याप्त बर्फबारी न होने के कारण आगामी सेब की फसल को लेकर चिंतित हैं। जिले की आर्थिकी को मजबूत करने वाली सेब की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सोमवार की रात जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्र में हल्की बर्फबारी तो हुई लेकिन पर्याप्त बर्फबारी न होने से किसान और बागवान अब भी मायूस हैं। स्थानीय लोग अपने-अपने ईष्ट देवताओं से पर्याप्त बर्फबारी की प्रार्थना कर रहे हैं। गौरतलब है कि किन्नौर जिले के लोगों की आर्थिकी का मुख्य साधन सेब पर ही टिका है। ऐसे में उम्दा सेब की फसल के लिए पर्याप्त बर्फबारी का होना बेहद जरूरी है। अगर एक सप्ताह के बीच बारिश और बर्फबारी न हुई तो सेब की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। जनवरी और फरवरी में पर्याप्त बर्फबारी न होना किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
क्षेत्र के बागवान पवन नेगी, सुरेंद्र नेगी, शंकर मेहता और रमेश ने बताया कि सेब की अच्छी फसल के लिए पर्याप्त बर्फबारी का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस बार लगातार बारिश न होना किसानों और बागवानों के लिए चिंता का विषय है। उधर, बागवानी विभाग भावानगर के प्रसार अधिकारी रूपेश नेगी ने बताया निचले क्षेत्रों में बर्फबारी न होने से चिलिंग आवर्स में समस्या हो सकती है, जबकि ऊपरी क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट होने के कारण सेब की पौधों में चिलिंग आवर्स पूर्ण होने की संभावना है।
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