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चांशल की चोटियों पर हल्का हिमपात निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी
Updated Thu, 07 Dec 2017 06:17 PM IST
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चांशल की चोटियों पर ताजा हिमपात
निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी, सूखे से बगीचों का काम प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू।
चांशल की चोटियों पर हल्का ताजा हिमपात और निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। हिमपात के बाद समूचे क्षेत्र में शीत लहर तेज हो गई है। वीरवार को सुबह से क्षेत्र में मौसम खराब रहा। इसके चलते चोटियों पर हल्का-हल्का हिमपात हुआ। चांशल घाटी में सड़क पर हल्की बर्फ जमी है। डोडरा क्वार के लिए वाहनों की आवाजाही नियमित रूप से चली हुई है।
हालांकि शाम के समय मौसम पूरा साफ हो गया। मौसम साफ होने से बागवानों को सूखे से राहत नहीं मिली है। सेब के बगीचों में रखरखाव का कार्य सूखे के कारण अभी तक लटका है। लगातार सूखे के कारण सेब के बगीचों में रखरखाव और खेतों में मटर की बिजाई का कार्य समय पर नहीं हो रहा, जिससे किसान-बागसान मुश्किल में हैं। उद्यान विकास अधिकारी डॉ. आगर दास का कहना है कि सेब के बगीचों में बारिश होने तक तोलिये बनाने व खाद-गोबर डालने का कार्य न करें। सेब के बगीचों में पतझड़ के बाद ही काट छांट का काम शुरू करें। जमीन में नमी आने पर ही सेब के बगीचों में बागवान तौलिये बनाने व खाद डालने का कार्य शुरू कर सकते हैं। सूखे में रखरखाव का कार्य होना संभव नहीं है।
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निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी, सूखे से बगीचों का काम प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू।
चांशल की चोटियों पर हल्का ताजा हिमपात और निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। हिमपात के बाद समूचे क्षेत्र में शीत लहर तेज हो गई है। वीरवार को सुबह से क्षेत्र में मौसम खराब रहा। इसके चलते चोटियों पर हल्का-हल्का हिमपात हुआ। चांशल घाटी में सड़क पर हल्की बर्फ जमी है। डोडरा क्वार के लिए वाहनों की आवाजाही नियमित रूप से चली हुई है।
हालांकि शाम के समय मौसम पूरा साफ हो गया। मौसम साफ होने से बागवानों को सूखे से राहत नहीं मिली है। सेब के बगीचों में रखरखाव का कार्य सूखे के कारण अभी तक लटका है। लगातार सूखे के कारण सेब के बगीचों में रखरखाव और खेतों में मटर की बिजाई का कार्य समय पर नहीं हो रहा, जिससे किसान-बागसान मुश्किल में हैं। उद्यान विकास अधिकारी डॉ. आगर दास का कहना है कि सेब के बगीचों में बारिश होने तक तोलिये बनाने व खाद-गोबर डालने का कार्य न करें। सेब के बगीचों में पतझड़ के बाद ही काट छांट का काम शुरू करें। जमीन में नमी आने पर ही सेब के बगीचों में बागवान तौलिये बनाने व खाद डालने का कार्य शुरू कर सकते हैं। सूखे में रखरखाव का कार्य होना संभव नहीं है।
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