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फर्श उखड़ा, सीमेंट की सीढ़ियां लगीं टूटने
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अमर उजाला ब्यूरो
नेरवा। तहसील कुपवी के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नौरा-वौरा का नवनिर्मित भवन का फर्श छह महीने में उखड़ गया है। कमरों के लिए बनी सीमेंट की सीढ़ियां टूटने लगीं हैं। गांव के लोगों ने भवन निर्माण कार्य पर सवालिया निशान उठने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच की मांग उठाई है।
वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के इस भवन का निर्माण 2018 के अंत में 40 लाख रुपये की लागत से किया गया। स्कूल के भवन को छह माह पूर्व जनवरी में शिक्षा विभाग के सुपुर्द किया गया था। वहीं स्कूल में कक्षाएं फरवरी माह से बैठनी शुरू हुईं। इस संबंध में बौरा के लक्की, दिनेश, लोकेंद्र पापटा, अनिल कुमार, रमेश कुमार, बबलू रावत और पंचभईया के अनुसार मात्र छह माह में ही स्कूल का फर्श जगह-जगह से उखड़ने लग पड़ा है। अब दीवारों का सीमेंट भी उखड़ना शुरू हो गया है। पहली मंजिल के लिए बनी सीढ़ियां भी जगह-जगह से टूट चुकी हैं। अब बरसात में स्कूल के भवन की छत से पानी का रिसाव हो तो यह आश्चर्य नहीं होगा। स्कूल का भवन कुपवी हरिपुर धार मुख्य सड़क के किनारे बनाया गया।
उन्होंने मांग की है कि स्कूल भवन के निर्माण में गुणवत्ता की जांच की जाए। यदि मुख्य सड़क के किनारे के स्कूलों में ऐसे निर्माण कार्य हो रहे हैं तो दूरदराज के इलाकों में क्या हालात होंगे? लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि भवन के निर्माण कार्य में हुई कथित धांधली की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।
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स्कूल प्रधानाचार्य राम कुमार भारद्वाज ने नए भवन के फर्श और सीढ़ियों के उखड़ने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस भवन की स्थिति को लेकर ठेकेदार को अवगत करवा दिया गया है। जल्दी ही इसकी इस संबंध में विभाग को भी अवगत करवाया जा रहा है।
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नेरवा। तहसील कुपवी के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नौरा-वौरा का नवनिर्मित भवन का फर्श छह महीने में उखड़ गया है। कमरों के लिए बनी सीमेंट की सीढ़ियां टूटने लगीं हैं। गांव के लोगों ने भवन निर्माण कार्य पर सवालिया निशान उठने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच की मांग उठाई है।
वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के इस भवन का निर्माण 2018 के अंत में 40 लाख रुपये की लागत से किया गया। स्कूल के भवन को छह माह पूर्व जनवरी में शिक्षा विभाग के सुपुर्द किया गया था। वहीं स्कूल में कक्षाएं फरवरी माह से बैठनी शुरू हुईं। इस संबंध में बौरा के लक्की, दिनेश, लोकेंद्र पापटा, अनिल कुमार, रमेश कुमार, बबलू रावत और पंचभईया के अनुसार मात्र छह माह में ही स्कूल का फर्श जगह-जगह से उखड़ने लग पड़ा है। अब दीवारों का सीमेंट भी उखड़ना शुरू हो गया है। पहली मंजिल के लिए बनी सीढ़ियां भी जगह-जगह से टूट चुकी हैं। अब बरसात में स्कूल के भवन की छत से पानी का रिसाव हो तो यह आश्चर्य नहीं होगा। स्कूल का भवन कुपवी हरिपुर धार मुख्य सड़क के किनारे बनाया गया।
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उन्होंने मांग की है कि स्कूल भवन के निर्माण में गुणवत्ता की जांच की जाए। यदि मुख्य सड़क के किनारे के स्कूलों में ऐसे निर्माण कार्य हो रहे हैं तो दूरदराज के इलाकों में क्या हालात होंगे? लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि भवन के निर्माण कार्य में हुई कथित धांधली की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।
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स्कूल प्रधानाचार्य राम कुमार भारद्वाज ने नए भवन के फर्श और सीढ़ियों के उखड़ने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस भवन की स्थिति को लेकर ठेकेदार को अवगत करवा दिया गया है। जल्दी ही इसकी इस संबंध में विभाग को भी अवगत करवाया जा रहा है।