{"_id":"5d1b8a608ebc3e3c6a51ee80","slug":"156208596115-rampur-hp-news108","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिकअप, टिपर और निजी वाहनों में लिफ्ट लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिकअप, टिपर और निजी वाहनों में लिफ्ट लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं बच्चे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
आनी (कुल्लू)। आनी उपमंडल में बंजार बस हादसे के बाद बसों में ओवरलोडिंग बंद किए जाने के फैसले से बच्चों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। खासकर स्कूली बच्चों और रास्ते से बैठने वाली सवारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को आनी खंड की बैहना पंचायत के बैहना गांव के बच्चों को बसों में न बिठाए जाने पर पिकअप, टिपर और निजी वाहनों में लिफ्ट लेकर यहां से सात किलोमीटर दूर लुहरी स्थित स्कूल तक पहुंचना पड़ रहा है।
अभिभावक अमी चंद, राम कृष्ण, रामा नंद, देश राज और सुशील कुमार सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सरकार का ओवरलोडिंग बंद कर देने का आनन फानन में लिया गया फैसला लगातार मुश्किलें बढ़ा रहा है। स्कूली बच्चों को पैदल सफर कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है या फिर लिफ्ट लेकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा भी दांव पर है।
विज्ञापन
टकरासी पंचायत प्रधान आशा ठाकुर के अनुसार आनी से बिशल जाने वाली बस में बिशल तक जरूरी काम से जाना चाहती थी, लेकिन बस की सीटें भरी होने के कारण ड्राइवर उन्हें बिठा न सका, जबकि बस के गंतव्य तक जाने वाली कई सवारियां रास्ते में ही खड़ी थीं।
विज्ञापन
लोगों ने परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से मांग की है कि आनी क्षेत्र को 10 नई बसें देने की एक साल पुरानी घोषणा को सिरे चढ़ाते हुए लोगों की समस्या को दूर किया करे। वहीं केशव राम, सुरेंद्र कुमार, ललित कुमार, दीवान सिंह, श्याम सिंह, मुकेश, लाजवंती, नेहा कुमारी और सेना ठाकुर सहित कई अन्य ग्रामीणों ने आनी से निगान, हरिपुर, च्वाई, निगाली कैंची और कमांद आदि क्षेत्रों तक मुद्रिका बसें चलाने की मांग उठाई है, जिससे ग्रामीणों को परेशानियां न झेलनी पड़े।
एचआरटीसी रामपुर डिपो के आरएम गुरबचन सिंह का कहना है कि एसडीएम आनी के साथ बैठक कर आनी क्षेत्र के विभिन्न रूटों का रोड मैप तैयार कर सरकार को भेजा गया है और करीब डेढ़ दर्जन रूटों पर बस सेवा चलाने की मांग की है। उम्मीद है कि अनुमति मिलने के बाद समस्या का समाधान हो जाएगा।