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श्राईकोटी मंदिर के जीर्णोद्वार में देरी और कार्य की जांच को लेकर एसडीएम से मिले ग्रामीण
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श्राईकोटी मंदिर के जीर्णोद्धार में हो रही देरी को लेकर रोष
12/20 वैली के ग्रामीणों ने एसडीएम रामपुर के समक्ष उठाया मुद्दा
तीन वर्ष से हो रहा मंदिर का जीर्णोद्धार, छत से टपकने लगा है पानी
कार्य में हो रही देरी से लोगों की आस्था को पहुंच रही ठेस, लोगों में रोष
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के हजारों लोगों की आस्था का प्रतीक और दार्शनिक स्थल श्राईकोटी मंदिर के जीर्णोद्धार में हो रही लेटलतीफी और मंदिर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। निर्माण कार्य को लेकर हो रही देरी और कार्य की गुणवत्ता को लेकर सोमवार को 12/20 वैली के ग्रामीण एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान से मिले। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने और गुणवत्ता की जांच करने की मांग की है।
इस दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण में ठेकेदार ने बेतरतीब ढंग से कार्य किया है। कार्य की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस मंदिर की छत को लगाए हुए कुछ ही समय बीता है, वह अभी से ही टपकने लगी है। ऐसे में बरसात के मौसम को यह छत क्या काम करेगी? छत का कार्य अधूरा होने के साथ साथ अन्य विकासात्मक कार्य भी लंबित पड़े हैं। हालांकि ग्रामीणों ने इस संबंध में लोनिवि के एक्सईएन और ठेकेदार से बात की तो उन्होंने बजट न होने का हवाला देकर ग्रामीणों को वापस भेज दिया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल अजय, महेंद्र सिंह, कलमा नंद, खेम सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुख सागर, कमल नारायण, बिहारी, भरत, प्रदीप, रामनाथ, दिनेश मेहता, सुनील चौहान, अमर सिंह, गुरू लाल, मंगल राम और बिहारी लाल ने कहा कि श्राईकोटी माता मंदिर में गुणवत्ता से निर्माण कार्य न होने को लेकर देवता साहिब बसाहरा ने स्थानीय ग्रामीणों को एक मंदिर कमेटी गठित करने के आदेश दिए। इसके चलते सोमवार को कूहल गांव की नई मंदिर कमेटी गठित कर एसडीएम से मिले।
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इस दौरान प्रतिनिधमंडल ने एसडीएम नरेंद्र चौहान के समक्ष मंदिर निर्माण के कार्य की जांच और मंदिर निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इस मंदिर निर्माण में सभी गांव के ग्रामीण सहयोग कर रहे है। बावजूद इसके तीन वर्ष के बाद भी मंदिर निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया। श्राईकोटी माता कूहल, पटेना, मझाली, चिक्सा, कमसारी और देवठी सहित 12/20 घाटी की कुलदेवी है। इलाके के लोगों के अलावा देश विदेश से हर वर्ष हजारों श्रद्धालु मां के दर शीश नवाने पहुंचते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यदि मंदिर निर्माण के लिए बजट नहीं था तो उसे क्यों उखाड़ा गया? मंदिर निर्माण में हो रही देरी से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।
वहीं इस संबंध में एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने कहा कि श्राईकोटी मंदिर निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर जल्द ही बजट का प्रावधान किया जाएगा। जल्द ही मंदिर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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12/20 वैली के ग्रामीणों ने एसडीएम रामपुर के समक्ष उठाया मुद्दा
तीन वर्ष से हो रहा मंदिर का जीर्णोद्धार, छत से टपकने लगा है पानी
कार्य में हो रही देरी से लोगों की आस्था को पहुंच रही ठेस, लोगों में रोष
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के हजारों लोगों की आस्था का प्रतीक और दार्शनिक स्थल श्राईकोटी मंदिर के जीर्णोद्धार में हो रही लेटलतीफी और मंदिर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। निर्माण कार्य को लेकर हो रही देरी और कार्य की गुणवत्ता को लेकर सोमवार को 12/20 वैली के ग्रामीण एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान से मिले। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने और गुणवत्ता की जांच करने की मांग की है।
इस दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण में ठेकेदार ने बेतरतीब ढंग से कार्य किया है। कार्य की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस मंदिर की छत को लगाए हुए कुछ ही समय बीता है, वह अभी से ही टपकने लगी है। ऐसे में बरसात के मौसम को यह छत क्या काम करेगी? छत का कार्य अधूरा होने के साथ साथ अन्य विकासात्मक कार्य भी लंबित पड़े हैं। हालांकि ग्रामीणों ने इस संबंध में लोनिवि के एक्सईएन और ठेकेदार से बात की तो उन्होंने बजट न होने का हवाला देकर ग्रामीणों को वापस भेज दिया।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल अजय, महेंद्र सिंह, कलमा नंद, खेम सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुख सागर, कमल नारायण, बिहारी, भरत, प्रदीप, रामनाथ, दिनेश मेहता, सुनील चौहान, अमर सिंह, गुरू लाल, मंगल राम और बिहारी लाल ने कहा कि श्राईकोटी माता मंदिर में गुणवत्ता से निर्माण कार्य न होने को लेकर देवता साहिब बसाहरा ने स्थानीय ग्रामीणों को एक मंदिर कमेटी गठित करने के आदेश दिए। इसके चलते सोमवार को कूहल गांव की नई मंदिर कमेटी गठित कर एसडीएम से मिले।
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इस दौरान प्रतिनिधमंडल ने एसडीएम नरेंद्र चौहान के समक्ष मंदिर निर्माण के कार्य की जांच और मंदिर निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इस मंदिर निर्माण में सभी गांव के ग्रामीण सहयोग कर रहे है। बावजूद इसके तीन वर्ष के बाद भी मंदिर निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया। श्राईकोटी माता कूहल, पटेना, मझाली, चिक्सा, कमसारी और देवठी सहित 12/20 घाटी की कुलदेवी है। इलाके के लोगों के अलावा देश विदेश से हर वर्ष हजारों श्रद्धालु मां के दर शीश नवाने पहुंचते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यदि मंदिर निर्माण के लिए बजट नहीं था तो उसे क्यों उखाड़ा गया? मंदिर निर्माण में हो रही देरी से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।
वहीं इस संबंध में एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने कहा कि श्राईकोटी मंदिर निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर जल्द ही बजट का प्रावधान किया जाएगा। जल्द ही मंदिर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।