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ऊपरी शिमला के मुख्य द्वार ठियोग में जाम हुआ आम
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ठियोग (रामपुर बुशहर)। ऊपरी शिमला के मुख्य द्वार कहे जाने वाले ठियोग में जाम लगना आम हो गया है। दिन प्रतिदिन रहिघाट से लेकर डीएवी स्कूल के पास जाम लगना शुरू हो जाता है। प्रशासनिक बैठक में हर मर्तबा तय किया जाता है कि छुट्टी के वक्त डीएवी के पास पुलिस के जवान तैनात किए जाएंगे लेकिन धरातल पर इस संबंध में कोई पहल नहीं की है।
यहां से जनोघाट तक मात्र एक किलोमीटर के सफर में लोगों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। हालात एसडीएम कार्यालय से ठियोग बस अड्डा आने के लिए भी कुछ ऐसे ही हैं। यहां दंडाधिकारी, अतिरिक्त न्यायिक दंडाधिकारी समेत अन्य विभागों के अधिकारी भी जाम का शिकार हो जाते हैं। स्थानीय डीएवी विद्यालय के पास पुलिस का जवान तैनात न होने के कारण हादसा होने का अंदेशा बढ़ रहा है। वहीं सड़कों के किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े वाहन भी जाम की परेशानी का कारण बनते नजर आते हैं। कहने को तो प्रदेश की राजधानी से जुड़ा सबसे नजदीक क्षेत्र ठियोग है। यहां से जिला किन्नौर और रोहड़ू के लिए भी रास्ता दोनों ओर बंट जाता है, लेकिन कई दशकों से लंबित पड़ी बाईपास की मांग को पूरा किया गया, लेकिन जिस रफ्तार से कार्य चल रहा है, इससे प्रतीत होता है कि अभी स्थानीय जनता को जाम से निजात नहीं मिल पाएगी। स्थानीय निवासी रती राम, अनूप, गौरव, अभय कंवर, पंकज ठाकुर, अरुण शर्मा और मोहन लाल सहित अन्य लोगों ने कहा कि बाईपास कार्य को सरकार जल्द से जल्द पूरा करे। वहीं क्षेत्र में चल रही पार्किंग की परेशानी को लेकर भी गंभीरता दिखाए। उधर, डीएसपी ठियोग कुलविंद्र सिंह ने बताया कि जाम की समस्या से निपटने से लिए पुलिस सात जवानों की मदद ले रही है। उन्होंने कहा कि डीएवी के पास रहिघाट वाला जवान ही अपनी सेवाएं देता है।
कहां लगता है जाम
जनोघाट कोर्ट रोड, रहिघाट शुरू होते ही, डीएवी विद्यालय के पास, फॉरेस्ट रोड टी प्वांइट पर, अस्पताल को जाने वाली रास्ते पर, एसबीआई एटीएम के पास, रेस्ट हाउस, वर्तमान में चल रहे बस अड्डे पर, पेट्रोल पंप और ठियोग-हाटकोटी जीरो प्वांइट पर जाम की समस्या पेश आ रही है। हालांकि इनमें से अधिकतर जगहों पर पुलिस ने जवानों की तैनाती की है, लेकिन जाम से लोगों को निजात नहीं मिल रही।
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यहां से जनोघाट तक मात्र एक किलोमीटर के सफर में लोगों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। हालात एसडीएम कार्यालय से ठियोग बस अड्डा आने के लिए भी कुछ ऐसे ही हैं। यहां दंडाधिकारी, अतिरिक्त न्यायिक दंडाधिकारी समेत अन्य विभागों के अधिकारी भी जाम का शिकार हो जाते हैं। स्थानीय डीएवी विद्यालय के पास पुलिस का जवान तैनात न होने के कारण हादसा होने का अंदेशा बढ़ रहा है। वहीं सड़कों के किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े वाहन भी जाम की परेशानी का कारण बनते नजर आते हैं। कहने को तो प्रदेश की राजधानी से जुड़ा सबसे नजदीक क्षेत्र ठियोग है। यहां से जिला किन्नौर और रोहड़ू के लिए भी रास्ता दोनों ओर बंट जाता है, लेकिन कई दशकों से लंबित पड़ी बाईपास की मांग को पूरा किया गया, लेकिन जिस रफ्तार से कार्य चल रहा है, इससे प्रतीत होता है कि अभी स्थानीय जनता को जाम से निजात नहीं मिल पाएगी। स्थानीय निवासी रती राम, अनूप, गौरव, अभय कंवर, पंकज ठाकुर, अरुण शर्मा और मोहन लाल सहित अन्य लोगों ने कहा कि बाईपास कार्य को सरकार जल्द से जल्द पूरा करे। वहीं क्षेत्र में चल रही पार्किंग की परेशानी को लेकर भी गंभीरता दिखाए। उधर, डीएसपी ठियोग कुलविंद्र सिंह ने बताया कि जाम की समस्या से निपटने से लिए पुलिस सात जवानों की मदद ले रही है। उन्होंने कहा कि डीएवी के पास रहिघाट वाला जवान ही अपनी सेवाएं देता है।
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कहां लगता है जाम
जनोघाट कोर्ट रोड, रहिघाट शुरू होते ही, डीएवी विद्यालय के पास, फॉरेस्ट रोड टी प्वांइट पर, अस्पताल को जाने वाली रास्ते पर, एसबीआई एटीएम के पास, रेस्ट हाउस, वर्तमान में चल रहे बस अड्डे पर, पेट्रोल पंप और ठियोग-हाटकोटी जीरो प्वांइट पर जाम की समस्या पेश आ रही है। हालांकि इनमें से अधिकतर जगहों पर पुलिस ने जवानों की तैनाती की है, लेकिन जाम से लोगों को निजात नहीं मिल रही।
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