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रक्तदान शिविर न लगने पर 40 मिनट चक्का जाम
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अमर उजाला ब्यूरो
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ठियोग (रामपुुर बुशहर)। शहीदी दिवस पर इस बार ठियोग में रक्तदान शिविर का आयोजन नहीं हो पाया। शिमला के तीनों अस्पतालों आईजीएमसी, डीडीयू और केएनएच के चिकित्सकों की टीम व्यस्त होने के कारण ठियोग में समय नहीं दे पाई।
इस बात से खफा डेमोक्रेटिव यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों और रक्तदाताओं ने व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। समर्थकों ने रोष रैली निकाली और ठियोग बस स्टैंड में करीब पौना घंटा चक्का जाम कर दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर पहुंचने पर सदस्यों का रोष शांत हुआ और शिविर की आगामी तिथि तय की गई।
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गौरतलब है कि हर वर्ष की तरह ठियोग कस्बे में इस बार भी शहीद भगत सिंह की पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाना तय था। लेकिन शिमला के तीनों अस्पतालों की टीम व्यस्त होने के कारण जब ठियोग नहीं आ पाई तो गुस्साए सर्मथकों ने रैली निकालकर अपना रोष जताया। गुस्साए सदस्यों ने बस स्टैंड ठियोग में दोपहर करीब 12:30 बजे नेशनल हाईवे को पूरी तरह से बंद कर दिया। करीब 1 बजकर 13 मिनट तक नारे लगाते समर्थकों ने चक्का जाम कर किया।
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डेमोक्रेटिव यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश सचिव कपिल भारद्वाज ने बताया कि ठियोग में हर वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन यहां पर अभी तक ब्लड बैंक की सुविधा नहीं है। रक्त की कमी के कारण हर वर्ष हजारों मरीजों को जूझना पड़ता है। आगामी दिनों में सरकार से ठियोग में ब्लड बैंक को खुलवाने के लिए आंदोलन तेज किया जाएगा।
करीब 40 मिनट के आंदोलन के बाद मौके पर आए एसडीएम ठियोग एमडी शर्मा ने जाम को खुलवाया साथ ही इस रक्तदान शिविर को लेकर 1 अप्रैल के आयोजन किया जाएगा। डीवाईएफआई ठियोग के अध्यक्ष नितिश ठाकुर, जगदीश, भूपेंद्र हेटा, पंकज, शिखा और मधु के अलावा कई नेता मौजूद रहे। उन्होंने चेताया कि ठियोग में ब्लड बैंक जल्द न खोला गया तो सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।