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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ का टोटा, मरीज परेशान

किन्नौर में चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं, कई स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ नहीं

Mon, 18 Mar 2019 10:36 AM IST
Arvind Thakur अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 18 Mar 2019 10:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो

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रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, लेकिन राजनीतिक पार्टियां इस संबंध में कोई संज्ञान नहीं ले पाई हैं। अब लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। कांग्रेस और भाजपा या कोई अन्य राजनीतिक पार्टी किन्नौर जिले में चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं पटरी पर उतार पाएंगी या नहीं। लोगों का कहना है इसे पार्टियों को चुनाव में मुख्य मुद्दा बनना चाहिए।
किन्नौर के भिन्न-भिन्न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 568 विभिन्न श्रेणियों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन अभी तक विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 347 पद खाली पड़े हैं। जबकि 227 विभिन्न श्रेणियों के पदों पर ही कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। किन्नौर के दूरदराज गांव में 11 स्वास्थ्य सब सेंटरों में महिलाओं की डिलिवरी में अहम भूमिका निभाने वाले पुरुष और महिला हेल्थ वर्करों के पद कई वर्षों से रिक्त पड़े हैं। इस कारण महिलाओं को डिलिवरी के समय भारी परेशानियां झेलनी पड़ती है। जानकारी के अनुसार तरांडा, बरी, क्राबा, यांगपा, ब्रुआ, आसरंग, लाबरंग, रोपा और मालिंग इत्यादि क्षेत्रों में कई सालों से पुरुष व महिला हेल्थ वर्करों के पद खाली हैं, जबकि स्वास्थ्य सब सेंटरों में पुरुष और महिला हेल्थ वर्करों के 34-34 पद स्वीकृत हैं। पुरुष हेल्थ वर्कर 18 और महिला हेल्थ वर्कर के 20 पद कई सालों से खाली पड़े हैं।
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वहीं क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में कई सालों से विशेषज्ञ चिकित्सक का पद रिक्त पड़ा है। दवाइयों का विशेषज्ञ डॉक्टर 3 साल से नहीं है। बच्चे और हड्डियों का विशेषज्ञ डॉक्टर का पद भी खाली है। एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक के पद भी खाली चल रहे हैं। किन्नौर के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के 61 पद स्वीकृत हैं, लेकिन अभी भी 17 चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में 6 चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं। इसके चलते किन्नौर वासियों को उपचार के लिए रामपुर, शिमला और चंडीगढ़ के अस्पतालों में चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसी तरह किन्नौर के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में दांत के 7 चिकित्सक, 32 फार्मासिस्ट, 25 स्टाफ नर्स के पद रिक्त हैं। जनजातीय जिला किन्नौर में एक क्षेत्रीय अस्पताल, एक सिविल अस्पताल सेंटर, 4 सामुदायिक अस्पताल, 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 34 सब सेंटर सेवाएं दे रहे हैं।
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क्या कहना है स्वास्थ्य अधिकारी का
किन्नौर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पदम सिंह नेगी का कहना है कि इन रिक्त पड़े पदों को लेकर हर माह सरकार को जानकारी दी जाती है। चिकित्सकों की नियुक्ति सरकार के माध्यम से ही की जाती है।

किन्नौर से हो रहा भेदभाव
किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि अस्पताल के रिक्त पदों के लिए उन्होंने विधानसभा में भी प्रश्न उठाए थे और सरकार को रिक्त पदों को भरने के लिए कई बार लिखित में भी दिया गया था। इसके अलावा कांग्रेस की ओर से भाजपा सरकार के खिलाफ रिकांगपिओ में धरना भी दिया था, लेकिन भाजपा सरकार जनजातीय क्षेत्र किन्नौर के साथ भेदभाव करती आ रही है।

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