{"_id":"5c892755bdec22142f01a0a1","slug":"15524924649-rampur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल्द नहीं हुई शिक्षक की तैनाती तो होगा चुनाव का बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल्द नहीं हुई शिक्षक की तैनाती तो होगा चुनाव का बहिष्कार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षक की तैनाती होगी तभी डालेंगे वोट
पांकवा गांव के ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
दिसंबर से पांकवा स्कूल में रिक्त पड़े हुए हैं शिक्षकों के पद
सरकार और शिक्षा विभाग से भी उठाया जा चुका है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। निरमंड खंड के तहत आने वाली बाड़ी पंचायत के पांकवा गांव के ग्रामीणों ने आगामी लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीण प्राथमिक पाठशाला पांकवा में शिक्षक न होने से काफी खफा हैं। दिसंबर माह से स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं है, जिसके कारण स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे एक दर्जन से अधिक छात्रों की पढ़ाई ठप पड़ी है।
ग्राम कमेटी प्रधान पांकवा-1 मेला राम ठाकुर, युवक मंडल सचिव महेश्वर सिंह, उप प्रधान पवन ठाकुर, अमर ठाकुर, वार्ड सदस्य नोया राम, ग्राम कमेटी पांकवा-2 प्रधान रणजीत सिंह, महिला मंडल प्रधान सुषमा देवी, बालक राम, गुलाब सिंह, लीलादत्त, तिलक राज, ओम प्रकाश, सुरेश कुमार, डिनू राम, झाबेराम और नवल कुमार ने बताया कि बीते दिसंबर माह में प्राथमिक स्कूल पांकवा में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। तीन माह का समय बीत गया है, लेकिन स्कूल में शिक्षकों की तैनाती करने में सरकार और शिक्षा विभाग नाकाम साबित हुई है। स्कूल में 14 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। साथ लगती अरसू पंचायत के प्राथमिक स्कूल अरसू में चार अध्यापक तैनात हैं, जबकि स्कूल में 50 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वहीं नोर पंचायत की प्राथमिक पाठशाला विजड़ी में चार बच्चों के लिए 2 शिक्षकों की तैनाती की गई है। पांकवा स्कूल की पूरी तरह से अनदेखी हो रही है। शिक्षकों की समस्या को लेकर स्थानीय विधायक और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी कई बार सूचित किया गया है, लेकिन शिक्षकों की तैनाती को लेकर केवल झूठे आश्वासन ही मिले हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल में डेपुटेशन पर शिक्षक भेजा जा रहा है, जो सुबह 11:30 स्कूल पहुंचता है और दोपहर 2 बजे वापस अरसू चला जाता है। यदि तुरंत शिक्षक की तैनाती नहीं होती तो समस्त ग्रामीण लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। जरूरत पड़ी तो एसएमसी अनशन पर जाने से भी गुरेज नहीं करेगी। वहीं इस संबंध मेें खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ठाकुर वीर सिंह ने कहा कि पांकवा स्कूल में शिक्षक की तैनाती के आदेश हो चुके हैं। जल्द ही छात्रों को नियमित शिक्षक की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पांकवा गांव के ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
दिसंबर से पांकवा स्कूल में रिक्त पड़े हुए हैं शिक्षकों के पद
सरकार और शिक्षा विभाग से भी उठाया जा चुका है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। निरमंड खंड के तहत आने वाली बाड़ी पंचायत के पांकवा गांव के ग्रामीणों ने आगामी लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीण प्राथमिक पाठशाला पांकवा में शिक्षक न होने से काफी खफा हैं। दिसंबर माह से स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं है, जिसके कारण स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे एक दर्जन से अधिक छात्रों की पढ़ाई ठप पड़ी है।
ग्राम कमेटी प्रधान पांकवा-1 मेला राम ठाकुर, युवक मंडल सचिव महेश्वर सिंह, उप प्रधान पवन ठाकुर, अमर ठाकुर, वार्ड सदस्य नोया राम, ग्राम कमेटी पांकवा-2 प्रधान रणजीत सिंह, महिला मंडल प्रधान सुषमा देवी, बालक राम, गुलाब सिंह, लीलादत्त, तिलक राज, ओम प्रकाश, सुरेश कुमार, डिनू राम, झाबेराम और नवल कुमार ने बताया कि बीते दिसंबर माह में प्राथमिक स्कूल पांकवा में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। तीन माह का समय बीत गया है, लेकिन स्कूल में शिक्षकों की तैनाती करने में सरकार और शिक्षा विभाग नाकाम साबित हुई है। स्कूल में 14 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। साथ लगती अरसू पंचायत के प्राथमिक स्कूल अरसू में चार अध्यापक तैनात हैं, जबकि स्कूल में 50 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वहीं नोर पंचायत की प्राथमिक पाठशाला विजड़ी में चार बच्चों के लिए 2 शिक्षकों की तैनाती की गई है। पांकवा स्कूल की पूरी तरह से अनदेखी हो रही है। शिक्षकों की समस्या को लेकर स्थानीय विधायक और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी कई बार सूचित किया गया है, लेकिन शिक्षकों की तैनाती को लेकर केवल झूठे आश्वासन ही मिले हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि स्कूल में डेपुटेशन पर शिक्षक भेजा जा रहा है, जो सुबह 11:30 स्कूल पहुंचता है और दोपहर 2 बजे वापस अरसू चला जाता है। यदि तुरंत शिक्षक की तैनाती नहीं होती तो समस्त ग्रामीण लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। जरूरत पड़ी तो एसएमसी अनशन पर जाने से भी गुरेज नहीं करेगी। वहीं इस संबंध मेें खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ठाकुर वीर सिंह ने कहा कि पांकवा स्कूल में शिक्षक की तैनाती के आदेश हो चुके हैं। जल्द ही छात्रों को नियमित शिक्षक की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन