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20 मार्च तक नहीं मानी मांगें तो होगा आंदोलन
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20 तक नहीं मानी मांगें तो छेड़ेंगे आंदोलन
ठेका मजदूर यूनियन ने रामपुर में निकाली रोष रैली
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर नगर परिषद ठेका मजदूर यूनियन संबंधित सीटू के बैनर तले मजदूरों ने मिनी सचिवालय से एमसी ऑफिस तक अपनी मांगों को लेकर रोष रैली निकाली। मजदूरों ने निर्धारित न्यूनतम वेतन न मिलने से सहित अन्य मांगों को लेकर सचिवालय के बाहर अपना विरोध जताया।
रैली को संबोधित करते हुए सीटू जिलाध्यक्ष बिहारी सेवगी और कुलदीप ने कहा है कि रामपुर नगर परिषद में काम कर रहे ठेका मजदूरों का खुले तौर पर शोषण हो रहा है। इन मजदूरों को हिमाचल सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन अभी तक नहीं मिल पा रहा है। 7 मजदूरों को तो 2017 में न्यूनतम वेतन से कम वेतन जो दिया था, उसका एरियर अभी तक नहीं दिया है। मजदूरों को 2017 से हिमाचल सरकार द्वारा निर्धारित 210 रुपये ही मिल रहा है, 1 अप्रैल 2018 से वेतन हिमाचल सरकार द्वारा 225 रुपये निर्धारित किया गया है। रामपुर नगर परिषद में काम कर रही महिला मजदूरों को रविवार के अलावा कोई भी छुट्टी नहीं मिलती। शिमला जिले में मजदूरों को मेडिकल की सुविधा मिलनी थी, उससे भी मजदूरों को वंचित रखा गया है। मजदूरों को दस्ताने और मास्क खुद खरीदने पड़ रहे हैं, मजदूरों को कोई मेडिकल चेकअप नहीं करवाया जा रहा है।
यूनियन सचिव ललित ने कहा है कि यदि श्रम विभाग और नगर परिषद प्रशासन द्वारा श्रम कानूनों को लागू करने के लिए आना कानी की गई और द्वारा पिछला एरियर 20 मार्च तक नहीं दिया तो 20 मार्च को सीटू के बैनर तले नप और श्रम विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। इस मौके पर नेहा, आशु, राहुल, मोहित, मंजू, मानित, सुशीला, रजनी, रजनी, बंधेन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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ठेका मजदूर यूनियन ने रामपुर में निकाली रोष रैली
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर नगर परिषद ठेका मजदूर यूनियन संबंधित सीटू के बैनर तले मजदूरों ने मिनी सचिवालय से एमसी ऑफिस तक अपनी मांगों को लेकर रोष रैली निकाली। मजदूरों ने निर्धारित न्यूनतम वेतन न मिलने से सहित अन्य मांगों को लेकर सचिवालय के बाहर अपना विरोध जताया।
रैली को संबोधित करते हुए सीटू जिलाध्यक्ष बिहारी सेवगी और कुलदीप ने कहा है कि रामपुर नगर परिषद में काम कर रहे ठेका मजदूरों का खुले तौर पर शोषण हो रहा है। इन मजदूरों को हिमाचल सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन अभी तक नहीं मिल पा रहा है। 7 मजदूरों को तो 2017 में न्यूनतम वेतन से कम वेतन जो दिया था, उसका एरियर अभी तक नहीं दिया है। मजदूरों को 2017 से हिमाचल सरकार द्वारा निर्धारित 210 रुपये ही मिल रहा है, 1 अप्रैल 2018 से वेतन हिमाचल सरकार द्वारा 225 रुपये निर्धारित किया गया है। रामपुर नगर परिषद में काम कर रही महिला मजदूरों को रविवार के अलावा कोई भी छुट्टी नहीं मिलती। शिमला जिले में मजदूरों को मेडिकल की सुविधा मिलनी थी, उससे भी मजदूरों को वंचित रखा गया है। मजदूरों को दस्ताने और मास्क खुद खरीदने पड़ रहे हैं, मजदूरों को कोई मेडिकल चेकअप नहीं करवाया जा रहा है।
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यूनियन सचिव ललित ने कहा है कि यदि श्रम विभाग और नगर परिषद प्रशासन द्वारा श्रम कानूनों को लागू करने के लिए आना कानी की गई और द्वारा पिछला एरियर 20 मार्च तक नहीं दिया तो 20 मार्च को सीटू के बैनर तले नप और श्रम विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। इस मौके पर नेहा, आशु, राहुल, मोहित, मंजू, मानित, सुशीला, रजनी, रजनी, बंधेन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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