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किन्नौर के 40 किसान हुए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना से लाभान्वित
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किसानों के लिए वरदान बनी सोलर फेंसिंग योजना
किसानों ने सोलर फेंसिंग योजना में एक करोड़ 7 लाख की सब्सिडी
किन्नौर के 40 किसान हुए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना से लाभान्वित
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ(किन्नौर)। किन्नौर में मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना में किसानों के खेतों में हो रही सोलर फेंसिंग किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। किसानों के खेतों में सोलर फेंसिंग होने से जंगली जानवरों, बंदरों से सेब और अन्य नकदी फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने में काफी मदद मिल रही है। किसानों की फसलें क्षति से बचने के साथ-साथ उनकी आर्थिकी को मजबूत रखने में भी सोलर फेंसिंग कारगर साबित हो रही है।
दो वर्षों में किन्नौर जिले 40 किसानों ने लगभग 15 हजार मीटर क्षेत्रफल में सोलर फेंसिंग की है। जिले के तीनों ब्लॉकों में सोलर फेंसिंग में किसानों को एक करोड़ सात लाख रुपये का सब्सिडी का लाभ हासिल हुआ है। वर्ष 2016-17 में 15 किसानों ने 37,98,247 रुपये, 2017-18 में 25 किसानों ने 69,02,739 रुपये से सोलर फेंसिंग कर किन्नौर के कृषि विभाग से एक करोड़ सात लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त की है। कल्पा ब्लॉक से 33 किसानों, पूह ब्लॉक से 4 और निचार ब्लॉक से 3 किसानों ने सोलर फेंसिंग योजना के तहत लाभ प्राप्त किया है। सोलर फेंसिंग से किसानों की नकदी फसलों और सेब के बगीचे को पूरी तरह से जंगली जानवरों और बंदरों से बचाया जा रहा है। सरकार ने वर्ष 2017 से सोलर फेंसिंग लगाने वाले किसान को 80 प्रतिशत सब्सिडी देना शुरू किया है। वहीं यदि तीन से पांच किसान मिलकर कम्यूनिटी बेस पर सोलर फेंसिंग करते हैं तो उन्हें 85 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। सोलर फेंसिंग का लाभ उठा रहे किसान जगत सिंह नेगी, कल्पा, खजान सिंह नेंगी, विजेंद्र सिंह, चंदर नेगी, उरगें चरिंग, लक्ष्मण देवी, चंदर सिंह नेगी और परमजीत नेगी का कहना है कि उन्होंने 12 बीघा सेब के बगीचे पर सोलर फेंसिंग की 9 तारें लगाई हैं। इससे किसानों को फसलें बचाने के काफी मदद मिल रही है। उधर, जिला कृषि अधिकारी अशोक राणा ने कहा कि वर्ष 2019-20 के लिए 75 लाख रुपये की सब्सिडी का सरकार की ओर से आवंटन किया गया है।
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किसानों ने सोलर फेंसिंग योजना में एक करोड़ 7 लाख की सब्सिडी
किन्नौर के 40 किसान हुए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना से लाभान्वित
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ(किन्नौर)। किन्नौर में मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना में किसानों के खेतों में हो रही सोलर फेंसिंग किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। किसानों के खेतों में सोलर फेंसिंग होने से जंगली जानवरों, बंदरों से सेब और अन्य नकदी फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने में काफी मदद मिल रही है। किसानों की फसलें क्षति से बचने के साथ-साथ उनकी आर्थिकी को मजबूत रखने में भी सोलर फेंसिंग कारगर साबित हो रही है।
दो वर्षों में किन्नौर जिले 40 किसानों ने लगभग 15 हजार मीटर क्षेत्रफल में सोलर फेंसिंग की है। जिले के तीनों ब्लॉकों में सोलर फेंसिंग में किसानों को एक करोड़ सात लाख रुपये का सब्सिडी का लाभ हासिल हुआ है। वर्ष 2016-17 में 15 किसानों ने 37,98,247 रुपये, 2017-18 में 25 किसानों ने 69,02,739 रुपये से सोलर फेंसिंग कर किन्नौर के कृषि विभाग से एक करोड़ सात लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त की है। कल्पा ब्लॉक से 33 किसानों, पूह ब्लॉक से 4 और निचार ब्लॉक से 3 किसानों ने सोलर फेंसिंग योजना के तहत लाभ प्राप्त किया है। सोलर फेंसिंग से किसानों की नकदी फसलों और सेब के बगीचे को पूरी तरह से जंगली जानवरों और बंदरों से बचाया जा रहा है। सरकार ने वर्ष 2017 से सोलर फेंसिंग लगाने वाले किसान को 80 प्रतिशत सब्सिडी देना शुरू किया है। वहीं यदि तीन से पांच किसान मिलकर कम्यूनिटी बेस पर सोलर फेंसिंग करते हैं तो उन्हें 85 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। सोलर फेंसिंग का लाभ उठा रहे किसान जगत सिंह नेगी, कल्पा, खजान सिंह नेंगी, विजेंद्र सिंह, चंदर नेगी, उरगें चरिंग, लक्ष्मण देवी, चंदर सिंह नेगी और परमजीत नेगी का कहना है कि उन्होंने 12 बीघा सेब के बगीचे पर सोलर फेंसिंग की 9 तारें लगाई हैं। इससे किसानों को फसलें बचाने के काफी मदद मिल रही है। उधर, जिला कृषि अधिकारी अशोक राणा ने कहा कि वर्ष 2019-20 के लिए 75 लाख रुपये की सब्सिडी का सरकार की ओर से आवंटन किया गया है।
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