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बरसते मौसम ने तोड़े कई वर्षोँ के रिकॉर्ड
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शलाटी वैली में सात साल बाद गिरी बर्फ
बर्फबारी होने से निचले क्षेत्र के किसान और बागवान खुश
कृषि, बागवानी के लिए संजीवनी मानी जा रही है बर्फबारी
अमर उजाला ब्यूरो
नोगली(रामपुर बुशहर)। एक सप्ताह से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बर्फबारी और बारिश ने कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं। बर्फबारी और बारिश होने से जहां जनजीवन अस्तव्यस्त है, वहीं रामपुर उपमंडल की शलाटी वैली में करीब 7 वर्ष बाद ताजा हिमपात होने पर किसानों और बागवानों ने हर्ष जताया है। लोअर बेल्ट के सेब बाहुल क्षेत्रों में इस बर्फबारी और बारिश ने सेब सहित अन्य स्टोन फ्रूटों में जान फूंक दी है। हिमपात और बारिश होने से सेब के पौधों पर मंडरा रहा संक्रमण का खतरा भी समाप्त हो गया है।
बीते एक सप्ताह से बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। निचले क्षेत्र में ताजा हिमपात होने से सूबे में बीते कई वर्षों के रिकॉर्ड टूटे हैं। इलाके के प्रगतिशील बागवान उत्तम कायथ, राकेश चौहान, संजीव कुमार, विजय राज, प्रेम राज, रोनी चौहान, दयाल कायथ, टीआर खिमटा, चंाद चौहान, राधा कृष्णन, देविंद्र, योगराज ठाकुर, रंजीत ठाकुर और सरस्वती ठाकुर सहित अन्य बागवानों के अनुसार बीते लंबे अंतराल के बाद शलाटी वैली में बर्फबारी होने से कृषि और बागवानी को टॉनिक मिल गया है। मौसम खुलते ही बागवान नए सेब के पौध लगाने में जुट जाएंगे। गुरूवार रात से मौसम के बदले मिजाज से बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। शुक्रवार को भी बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहा। शलाटी वैली छलावट, कमलाऊ, मसारना, चांदी-करेरी, रसेंदली और कुमसू सहित अन्य क्षेत्रों में करीब सात वर्ष बाद बर्फबारी ने दस्तक दी है, जिससे क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है।
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बर्फबारी होने से निचले क्षेत्र के किसान और बागवान खुश
कृषि, बागवानी के लिए संजीवनी मानी जा रही है बर्फबारी
अमर उजाला ब्यूरो
नोगली(रामपुर बुशहर)। एक सप्ताह से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बर्फबारी और बारिश ने कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं। बर्फबारी और बारिश होने से जहां जनजीवन अस्तव्यस्त है, वहीं रामपुर उपमंडल की शलाटी वैली में करीब 7 वर्ष बाद ताजा हिमपात होने पर किसानों और बागवानों ने हर्ष जताया है। लोअर बेल्ट के सेब बाहुल क्षेत्रों में इस बर्फबारी और बारिश ने सेब सहित अन्य स्टोन फ्रूटों में जान फूंक दी है। हिमपात और बारिश होने से सेब के पौधों पर मंडरा रहा संक्रमण का खतरा भी समाप्त हो गया है।
बीते एक सप्ताह से बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। निचले क्षेत्र में ताजा हिमपात होने से सूबे में बीते कई वर्षों के रिकॉर्ड टूटे हैं। इलाके के प्रगतिशील बागवान उत्तम कायथ, राकेश चौहान, संजीव कुमार, विजय राज, प्रेम राज, रोनी चौहान, दयाल कायथ, टीआर खिमटा, चंाद चौहान, राधा कृष्णन, देविंद्र, योगराज ठाकुर, रंजीत ठाकुर और सरस्वती ठाकुर सहित अन्य बागवानों के अनुसार बीते लंबे अंतराल के बाद शलाटी वैली में बर्फबारी होने से कृषि और बागवानी को टॉनिक मिल गया है। मौसम खुलते ही बागवान नए सेब के पौध लगाने में जुट जाएंगे। गुरूवार रात से मौसम के बदले मिजाज से बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। शुक्रवार को भी बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहा। शलाटी वैली छलावट, कमलाऊ, मसारना, चांदी-करेरी, रसेंदली और कुमसू सहित अन्य क्षेत्रों में करीब सात वर्ष बाद बर्फबारी ने दस्तक दी है, जिससे क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है।
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