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नप अध्यक्ष तय, उपाध्यक्ष के लिए असमंजस का माहौल

Fri, 25 Jan 2019 07:46 PM IST
ASHOK CHAUHAN ashok chauhan
Updated Fri, 25 Jan 2019 07:46 PM IST
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नप अध्यक्ष का नाम तय, उपाध्यक्ष के लिए असमंजस
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रामपुर नप में कांग्रेस का वर्चस्व, पूर्व मुख्यमंत्री के निर्देशों का इंतजार
एक माह के भीतर करना होगा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद खाली चल रहा है। शहरी विकास विभाग के नियमों के मुताबिक एक माह की अवधि के भीतर ही दोनों पदों पर तैनाती होगी। नगर परिषद रामपुर में अभी कांग्रेस का वर्चस्व कायम है। हालांकि नप के कांग्रेस समर्थित पार्षदों की इसको लेकर अभी कोई बैठक नहीं हुई है और न ही किसी उम्मीदवार के चयन को लेकर सहमति बनी है।
कांग्रेस समर्थित पार्षदों के अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद जहां नप की पूर्व अध्यक्ष मीना कुमारी को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी, वहीं उपाध्यक्ष दीपक सूद पर भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के कारण हुई कार्यवाही के चलते उन्हें भी अपने पद से हाथ धोना पड़ा था। ऐसे में अब अध्यक्ष पद वार्ड नंबर सात की रीता बादल को सौंपे जाने की तैयारी है, वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए किसी भी पार्षद पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। रामपुर नप में कांग्रेस समर्थित छह पार्षद अब नए उपाध्यक्ष का चयन करेंगे, लेकिन अभी तक इन पार्षदों की न तो कोई बैठक हो पाई है और न ही उपाध्यक्ष के चयन को लेकर कोई सहमति बन पाई है। कांग्रेसी पार्षद इस संबंध मेें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस समर्थित पार्षद पंकज बराड़ के अनुसार नगर परिषद उपाध्यक्ष के पद को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निर्देशों के तहत ही नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार का चयन किया जाएगा। नप के कांग्रेस समर्थित पार्षदों की इसको लेकर कोई बैठक नहीं हुई है और न ही किसी उम्मीदवार के चयन को लेकर सहमति बनी है।
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उधर, एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने बताया कि नप अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर शहरी विकास निदेशालय से उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है। तय नियमों के मुताबिक एक माह के भीतर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन होना आवश्यक है।
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