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न अध्यक्ष, न उपाध्यक्ष और अब ईओ भी ट्रांसफर
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सुभाष सेन
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रामपुर बुशहर। नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी छिनने के कारण नगर परिषद के नौ वार्डों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में नप के कार्यकारी अधिकारी के तबादले के भी आदेश आ गए हैं। इस उथल पुथल का सबसे अधिक प्रभाव नप के वार्ड आठ और नौ पर पड़ रहा है। अब नप के तीन अन्य पार्षदों के खिलाफ भी अवैध कब्जों की शिकायत प्रशासन के पास पहुंची है, यदि इन मामलों पर भी शीघ्र कार्रवाई होती है तो नगर परिषद का काम काफी प्रभावित होगा।
बीते वर्ष 11 दिसंबर को कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने अध्यक्ष मीना कुमारी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया था। मामले की सुनवाई करते हुए डीसी शिमला ने 19 जनवरी को अध्यक्ष को अपना बहुमत साबित करने के निर्देश दिए हैं। इसी बीच नप उपाध्यक्ष के खिलाफ अवैध कब्जा साबित होने पर उन्हें भी कुर्सी गंवानी पड़ी है।
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वहीं इस मामले में शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा नेताओं को ओच्छी राजनीति से बाज आने को कहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता नप में काबिज कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर दबाव बनाकर उन्हें बहकाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं, जिससे नगर परिषद पर भाजपा का कब्जा हो सके। लोकतांत्रिक प्रणाली से किया जा रहा खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। इसके खिलाफ ब्लॉक कांग्रेस और युवा कांग्रेस आने वाले समय में व्यापक आंदोलन छेड़ेगी।
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वहीं इस संबंध में एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने कहा कि नगर परिषद के अध्यक्ष को 19 जनवरी को अपना बहुमत साबित करना होगा। नप के विकास कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए नप के अधिकारियों और पार्षदों को उचित दिशा निर्देश दिए जाएंगे।