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अपने निर्णय खुद लें, तभी सशक्त हो सकेंगी महिलाएं
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अमर उजाला ब्यूरो
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थैली-चकटी (रामपुर बुशहर)। थैली-चकटी पंचायत में ‘अमर उजाला’ के अपराजित-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में नारी शक्ति का बखान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नारी के कई रुप हैं। अगर नारी नहीं होती को संसार की उत्पत्ति न होती। नारी बहन भी है। मां भी और पत्नी भी है। इसीलिए नारी को अपराजिता कहा जाता है। बीडीओ ननखड़ी कामेश्वर चौहान ने कहा कि महिलाओं को कई कारणों से अत्याचार सहना पड़ रहा है। उन्होंने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि मौजूदा समय में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को हर अधिकार प्रदान किए गए हैं। अगर कोई अत्याचार हो रहा है तो इसे सहने की बजाय इसकी शिकायत करें। महिलाओं के लिए कई कानून बनाए गए हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की अपने अधिकारों को लेकर जागरूक बनें। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं के अलावा उनके अधिकारों की भी जानकारी दी। सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से महिलाएं अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकती हैं।
सीडीपीओ अजय बदरेल ने कहा कि जहां तक महिलाओं के सशक्तीकरण की बात है तो महिलाओं को पहले खुद अपनी सोच बदलनी होगी। अगर महिला अपने आप को कमजोर समझती हैं। तो कभी सशक्त नहीं हो सकती। अपने निर्णय महिलाओं को खुद लेने चाहिए। अधिकारों के बारे में जानकारी होना जरूरी है। इस मौके पर उन्होंने संतुलित आहार, पौष्टिक आहार, भरण पोषण एक्ट के बारे में भी महिलाओं को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर महिला ससुराल में किसी तरह से प्रताड़ित हो रही हो तो पुलिस में शिकायत दे सकती हैं।
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1. पर्यवेक्षिका मालती देवी ने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता कार्यक्रम प्रेरणादायक है। इस तरह के कार्यक्रमों से महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी मिलती है। ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।
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2. सुमित्रा चौहान ने बताया कि अपराजिता कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक करने में मील का पत्थर साबित होगा। इस कार्यक्रम में मंच से अधिकारियों ने जो जानकारी दी है। उसे अन्य महिलाओं तक पहुंचाने का प्रयास करूंगी।
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3. बीडीसी सदस्य रीता जोशी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से महिलाओं को हौसला बढ़ेगा और अधिकारियों के समक्ष अधिकारों को लेकर आवाज उठाएंगी। ग्रामीण स्तर पर भी ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए।
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4. वीना ने बताया कि इस कार्यक्रम में उन्हें जो भी जानकारी मिली है, उसे अन्य महिलाओं के साथ भी साझा करेंगी। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना महिलाएं जागरूक हो रही हैं और बेटियों की शिक्षा पर ध्यान दे रही हैं।
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5. थैली चकटी पंचायत की प्रधान शिव दासी ने बताया कि अपराजिता कार्यक्रम में महिलाओं को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि यहां मिली जानकारी को दूसरों के साथ भी साझा करें।