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पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर थिरके हथियारों से सुसज्जित लोग
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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहड़ू। नावर क्षेत्र के अंतर्गत पुजारली-4 में आयोजित शांद महायज्ञ शुक्रवार को शिखा पूजन रस्म के साथ संपन्न हो गया है। शांद महायज्ञ का आयोजन पुजारली-4 स्थित रूद्र देवता महाराज के मंदिर परिसर में किया गया। महायज्ञ में नावर क्षेत्र के 15 गांव से हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। हथियारों से सुसज्जित लोगों का पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर नृत्य शांद महायज्ञ का मुख्य आकर्षण रहा।
पुजारली-4 में देवता रूद्र महाराज के निर्देशानुसार शांद महायज्ञ का आयोजन किया जाता है। दो दिवसीय शांद महायज्ञ में शुक्रवार को शिखा पूजन की मुख्य रस्म निभाई गई। मंदिर में आयोजित महायज्ञ में पूर्ण आहुति डाली गई। पारंपरिक विधि से शांद का सफल आयोजन किया गया। इसमें नावर क्षेत्र के कोटी, जगटेरली, जगोठी, दमडेदी, खारला, रमटेडी, नकसेटली, बदशाल, गाड़ेट, सजार, टिक्करी, बशरोग, सेयाओ, फरीऊंकोटी, पुजारली-4 गांव से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। दिन भर ग्रामीण पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर लोग नृत्य करते रहे। शांद में शामिल हुए लोगों लिए भंडारे की व्यवस्था भी की गई थी।
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देवता रूद्र महाराज के मोतमीन देविंद्र सिंह ठाकुर, भंडारी जय लाल और कायथ अनूप सांजटा के अनुसार पुजारली-4 में तीन वर्ष के बाद शांद महायज्ञ का आयोजन किया जाता है। क्षेत्र की सुख शांति के लिए पारंपरिक रुप से महायज्ञ आयोजित किया जाता है। जिसमें 15 गांव के ग्रामीणों को पूरा सहयोग रहता है।
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