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एनपीएस कर्मचारियों ने मनाया काला दिवस
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अमर उजाला ब्यूरो
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रामपुर/रिकांगपिओ। एनपीएस कर्मचारियों ने एक जनवरी को काले दिवस के रूप में मनाया। कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालय में पूरे दिन काले बिल्ले लगाकर एनपीएस नीति के खिलाफ अपना रोष जताया। प्रदेश के 85 हजार कर्मचारियों ने दिनभर कार्यालय में काले बिल्ले लगाकर कार्य करते हुए व्यापक स्तर पर नई पेंशन नीति का विरोध किया। एनपीएस कर्मचारी महासंघ के राज्य मुख्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा ने कहा कि एक जनवरी 2004 को तत्कालीन केंद्र सरकार ने सभी राज्यों की सरकारों के साथ एक एमओयू के तहत पुरानी पेंशन नीति को बंद करके नई पेंशन नीति लागू करके कर्मचारियों को पेंशन लाभ से वंचित कर दिया। इसके लागू होने से कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति और वृद्धावस्था को पूरी तरह से असुरक्षित और चिंताजनक बना दिया है। सेवानिवृत्ति का डर कर्मचारियों को अभी से सताने लगा है। इस मुद्दे को 28 अक्तूबर को सभी सांसदों के घर उपवास के माध्यम से भी उठाया गया, जिसमें संबंधित सांसदों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की थी। 26 नवंबर को दिल्ली में महारैली के माध्यम से केंद्र सरकार को अपना माग पत्र प्रेषित करके पुरानी पेंशन को पुन: लागू करवाने का आग्रह किया था लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि कर्मचारियों की इस जायज मांग को शीघ्र पूरा करें, जिससे 2019 का सरकार का रास्ता भी साफ हो जाए। जब कर्मचारी अपना पूरा जीवन सरकारी सेवाओं में दे रहा है तो सरकार का भी यह कर्तव्य बनता है कि उन्हें सेवानिवृत्ति के पश्चात सामाजिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करें। पेंशन देना सरकार का दायित्व है, जिससे कर्मचारियों को वंचित नहीं किया जा सकता।
वहीं एनपीएस कर्मचारी महासंघ ने जिला किन्नौर में काला दिवस मनाया। जिला किन्नौर एनपीएस कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विरेंद्र जिंटू ने कहा कि 1 जनवरी 2004 को तत्कालीन केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन को बंद करके एनपीएस नीति यानी नेशनल पेंशन योजना को लागू किया, जिससे समूचे भारत के कर्मचारी वर्ग अपने आप को सरकार द्वारा ठगा महसूस कर रहे हैं। इसके लागू होने से कर्मचारियों की पेंशन को बंद कर दिया गया है और कर्मचारियों को कॉरपोरेट जगत में धकेला गया है। कर्मचारियों ने जल्द से जल्द केंद्र और प्रदेश सरकार से पुरानी पेंशन बहाल करने की पुरजोर मांग उठाई।
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इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु, राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार नरेश ठाकुर, भरत शर्मा, डॉ. संजीव गुलेरिया, मनोज गुप्ता, मुकेश कुमार, धर्म देव, कृपा राम, पवन, हंस राज, बलदेव सिंह, वेद भूषण मौजूद रहे।
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