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न्निर की निचार पंचायत में गहराया पेयजल संकट
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ठंड में जमे जलस्रोत, पेयजल संकट गहराया
निचार पंचायत के लोग एक माह से झेल रहे हैं परेशानी
ग्रामीण चार किलोमीटर दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर की चगांव पंचायत में एक माह से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। आईपीएच विभाग पंचायत में पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से मुहैया करवाने में नाकाम साबित हो रहा है। ग्रामीणों को एक माह से करीब चार किलोमीटर दूर टापरी गर्म पानी के पास से निजी वाहनों में पानी ढोना पड़ रहा है। जो काफी महंगा पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द समस्या समाधान का आग्रह किया है।
गौरतलब है कि एक माह पहले अचानक चगांव के काडगार कंडा नामक स्रोत में पानी की कमी दर्ज की गई। इसके कारम चगांव पंचायत के तहत आने वाले धरमालींग, रांगमें, याशंग, जनकपुरी, रिशाल और टापरी सहित समूचे चगांव क्षेत्र की करीब 4000 की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पेयजल समस्या को लेकर कई बार आईपीएच विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया। बावजूद इसके अभी तक इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया गया। जिसका खामियाजा क्षेत्र के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
चगांव पंचायत प्रधान वीर सिंह नेगी, सुदेश नेगी, गुमान सिंह नेगी, सुरेंद्र नेगी, टिकम नेगी, पद्म सिंह नेगी और गणितराम नेगी सहित अन्य लोगों के अनुसार करीब एक माह पूर्व से ही काडगार स्रोत में पानी के जम जाने से क्षेत्र के लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों को एक किमी दूर प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी ढोकर या फिर 4 किलोमीटर दूर टापरी से वाहनों में 1000 रुपये किराया देकर पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, उपायुक्त किन्नौर और आईपीएच विभाग से समय रहते गांव में ठप पड़ी पेयजलापूर्ति को सुचारू रूप देने की मांग उठाई है। आईपीएच विभाग किन्नौर के अधिशाषी अभियंता उदय सिंह बौद्ध के अनुसार पानी की नियमित सप्लाई को लेकर विभाग गंभीर है। स्रोत में पानी जम जाने से थोड़ी दिक्कतें पेश आ रही हैं, जल्द ही प्राथमिकता के आधार पर समस्या को दूर किया जाएगा।
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निचार पंचायत के लोग एक माह से झेल रहे हैं परेशानी
ग्रामीण चार किलोमीटर दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर की चगांव पंचायत में एक माह से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। आईपीएच विभाग पंचायत में पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से मुहैया करवाने में नाकाम साबित हो रहा है। ग्रामीणों को एक माह से करीब चार किलोमीटर दूर टापरी गर्म पानी के पास से निजी वाहनों में पानी ढोना पड़ रहा है। जो काफी महंगा पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द समस्या समाधान का आग्रह किया है।
गौरतलब है कि एक माह पहले अचानक चगांव के काडगार कंडा नामक स्रोत में पानी की कमी दर्ज की गई। इसके कारम चगांव पंचायत के तहत आने वाले धरमालींग, रांगमें, याशंग, जनकपुरी, रिशाल और टापरी सहित समूचे चगांव क्षेत्र की करीब 4000 की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पेयजल समस्या को लेकर कई बार आईपीएच विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया। बावजूद इसके अभी तक इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया गया। जिसका खामियाजा क्षेत्र के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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चगांव पंचायत प्रधान वीर सिंह नेगी, सुदेश नेगी, गुमान सिंह नेगी, सुरेंद्र नेगी, टिकम नेगी, पद्म सिंह नेगी और गणितराम नेगी सहित अन्य लोगों के अनुसार करीब एक माह पूर्व से ही काडगार स्रोत में पानी के जम जाने से क्षेत्र के लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों को एक किमी दूर प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी ढोकर या फिर 4 किलोमीटर दूर टापरी से वाहनों में 1000 रुपये किराया देकर पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, उपायुक्त किन्नौर और आईपीएच विभाग से समय रहते गांव में ठप पड़ी पेयजलापूर्ति को सुचारू रूप देने की मांग उठाई है। आईपीएच विभाग किन्नौर के अधिशाषी अभियंता उदय सिंह बौद्ध के अनुसार पानी की नियमित सप्लाई को लेकर विभाग गंभीर है। स्रोत में पानी जम जाने से थोड़ी दिक्कतें पेश आ रही हैं, जल्द ही प्राथमिकता के आधार पर समस्या को दूर किया जाएगा।
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