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प्रशासन की सख्ती के बाद नेरवा बाजार मे स्वंय कब्जे हटा रहे कब्जाधारक
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अमर उजाला ब्यूरो
नेरवा(रोहड़ू)। नेरवा की संकरी सड़कों से अतिक्रमण हटाने की प्रशासन की मुहिम रंग लाने लगी है। प्रशासन की सख्ती के बाद कब्जाधारकों ने सरकारी भूमि पर किए गए कब्जों को स्वयं हटाना शुरू कर दिया है। इसी कवायद के चलते रविवार को नेरवा की कमला मार्केट में कब्जाधारों ने स्वयं 13 दुकानें तोड़कर कब्जा छोड़ा है। यह दुकानें लोक निर्माण विभाग के नोटिस के बाद कब्जाधारकों ने स्वयं ही तोड़ी है।
प्रशासन ने भी कब्जाधारकों को चेतावनी दे दी है कि अवैध कब्जाधारी तय समय सीमा के भीतर इन कब्जों को खाली कर दें। अन्यथा लोक निर्माण, राजस्व विभाग, वन विभाग व पुलिस विभाग के साथ मिलकर कड़ी कार्रवाई करते हुए मशीनें लगाकर अवैध कब्जों को खाली करवाया जाएगा। प्रशासन के कड़े रवैये के चलते शीघ्र ही नेरवा में अवैध कब्जे हटने की आस जग गई है।
प्रशासन ने राजस्व, लोक निर्माण, वन व पुलिस विभाग के साथ मिलकर शिहकयार से लेकर भठी नाला तक सरकारी भूमि की निशानदेही कर सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों को 15 दिन के भीतर सरकारी भूमि खाली करने के निर्देश दिए थे। विभिन्न विभागों द्वारा दिए गए नोटिस के तहत निर्धारित समय सीमा समाप्त हो चुकी है। जिसके बाद कुछ लोगों ने स्वयं ही सरकारी भूमि से कब्जे हटाने शुरू कर दिए हैं। तहसीलदार नेरवा ऋषभ शर्मा ने कहा कि यदि लोग समय पर सरकारी भूमि खाली नहीं करते हैं तो प्रशासन द्वारा कब्जे हटाने का खर्च भी संबंधित पार्टी से ही लिया जाएगा।
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नेरवा(रोहड़ू)। नेरवा की संकरी सड़कों से अतिक्रमण हटाने की प्रशासन की मुहिम रंग लाने लगी है। प्रशासन की सख्ती के बाद कब्जाधारकों ने सरकारी भूमि पर किए गए कब्जों को स्वयं हटाना शुरू कर दिया है। इसी कवायद के चलते रविवार को नेरवा की कमला मार्केट में कब्जाधारों ने स्वयं 13 दुकानें तोड़कर कब्जा छोड़ा है। यह दुकानें लोक निर्माण विभाग के नोटिस के बाद कब्जाधारकों ने स्वयं ही तोड़ी है।
प्रशासन ने भी कब्जाधारकों को चेतावनी दे दी है कि अवैध कब्जाधारी तय समय सीमा के भीतर इन कब्जों को खाली कर दें। अन्यथा लोक निर्माण, राजस्व विभाग, वन विभाग व पुलिस विभाग के साथ मिलकर कड़ी कार्रवाई करते हुए मशीनें लगाकर अवैध कब्जों को खाली करवाया जाएगा। प्रशासन के कड़े रवैये के चलते शीघ्र ही नेरवा में अवैध कब्जे हटने की आस जग गई है।
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प्रशासन ने राजस्व, लोक निर्माण, वन व पुलिस विभाग के साथ मिलकर शिहकयार से लेकर भठी नाला तक सरकारी भूमि की निशानदेही कर सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों को 15 दिन के भीतर सरकारी भूमि खाली करने के निर्देश दिए थे। विभिन्न विभागों द्वारा दिए गए नोटिस के तहत निर्धारित समय सीमा समाप्त हो चुकी है। जिसके बाद कुछ लोगों ने स्वयं ही सरकारी भूमि से कब्जे हटाने शुरू कर दिए हैं। तहसीलदार नेरवा ऋषभ शर्मा ने कहा कि यदि लोग समय पर सरकारी भूमि खाली नहीं करते हैं तो प्रशासन द्वारा कब्जे हटाने का खर्च भी संबंधित पार्टी से ही लिया जाएगा।
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