{"_id":"5ba52073867a557f6917f811","slug":"151537548403-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खनेरी अस्पताल में कब सुधरेगी स्वास्थ्य सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खनेरी अस्पताल में कब सुधरेगी स्वास्थ्य सुविधाएं
Updated Fri, 21 Sep 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खनेरी अस्पताल में सुविधाएं नहीं, रेफर किए जा रहे मरीज
चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले अस्पताल में स्टाफ की कमी
तीन दिन से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ भी नहीं, जेनरेटर पड़े हैं खराब
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। चार जिलों के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवा रहे खनेरी अस्पताल में इस समय सुविधाएं बदहाल हैं। यहां मरीजों के लिए बिजली तक की बेहतर व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोग इलाज के लिए शिमला जाने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल के वार्डों में जगह न होने के कारण मरीजों को वार्डों के बाहर ही रात बितानी पड़ रही है।
खनेरी स्थित महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। करीब 1000 की ओपीडी वाले इस अस्पताल में रोजाना जिला किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी से मरीज उपचार को पहुंचते हैं, लेकिन यहां उन्हें उपचार न मिलने के कारण या तो घर जाना पड़ता है या फिर 130 किलोमीटर दूर शिमला पहुंचना पड़ रहा है। स्टाफ, डॉक्टर और अन्य सुविधाओं की कमी से जूझ रहा यह अस्पताल खुद ही बीमार चल रहा है। अस्पताल में दो दशक पुरानी एक्सरे मशीन से एक्सरे भी घटिया क्वालिटी के निकलते हैं और डॉक्टर मरीज को एक्सरे करवाने के लिए निजी क्लीनिकों के चक्कर लगवाते हैं।
बीते तीन दिन से अस्पताल में एनेस्थीसिया का डॉक्टर न मिलने से सैकड़ों मरीजों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ी। कुछ वर्ष पूर्व अस्पताल में एनेस्थीसिया के तीन-तीन डॉक्टर थे, लेकिन वर्तमान समय में केवल एक ही डॉक्टर तैनात है। अब इस डॉक्टर के भी अवकाश पर होने के कारण मरीजों को शिमला जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल में बिजली गुल हो जाने पर बिजली के जेनरेटर भी नहीं हैं। बिजली जाने पर अस्पताल में मरीजों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ता है।
विज्ञापन
खनेरी अस्पताल के एमएस सुनील शर्मा ने कहा कि अस्पताल में एनेस्थीसिया का एक ही डॉक्टर तैनात है, जो इन दिनों छुट्टी पर है। यह डॉक्टर शनिवार से अस्पताल में अपनी सेवाएं देंगे। बिजली का जेनरेटर खराब पड़ा है, जिसको दुरुस्त करने के लिए कंपनी से बात की गई है। जल्द ही अस्पताल में बिजली की समस्या दूर की जाएगी।
विज्ञापन
चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले अस्पताल में स्टाफ की कमी
तीन दिन से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ भी नहीं, जेनरेटर पड़े हैं खराब
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। चार जिलों के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवा रहे खनेरी अस्पताल में इस समय सुविधाएं बदहाल हैं। यहां मरीजों के लिए बिजली तक की बेहतर व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोग इलाज के लिए शिमला जाने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल के वार्डों में जगह न होने के कारण मरीजों को वार्डों के बाहर ही रात बितानी पड़ रही है।
खनेरी स्थित महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। करीब 1000 की ओपीडी वाले इस अस्पताल में रोजाना जिला किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी से मरीज उपचार को पहुंचते हैं, लेकिन यहां उन्हें उपचार न मिलने के कारण या तो घर जाना पड़ता है या फिर 130 किलोमीटर दूर शिमला पहुंचना पड़ रहा है। स्टाफ, डॉक्टर और अन्य सुविधाओं की कमी से जूझ रहा यह अस्पताल खुद ही बीमार चल रहा है। अस्पताल में दो दशक पुरानी एक्सरे मशीन से एक्सरे भी घटिया क्वालिटी के निकलते हैं और डॉक्टर मरीज को एक्सरे करवाने के लिए निजी क्लीनिकों के चक्कर लगवाते हैं।
विज्ञापन
बीते तीन दिन से अस्पताल में एनेस्थीसिया का डॉक्टर न मिलने से सैकड़ों मरीजों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ी। कुछ वर्ष पूर्व अस्पताल में एनेस्थीसिया के तीन-तीन डॉक्टर थे, लेकिन वर्तमान समय में केवल एक ही डॉक्टर तैनात है। अब इस डॉक्टर के भी अवकाश पर होने के कारण मरीजों को शिमला जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल में बिजली गुल हो जाने पर बिजली के जेनरेटर भी नहीं हैं। बिजली जाने पर अस्पताल में मरीजों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ता है।
विज्ञापन
खनेरी अस्पताल के एमएस सुनील शर्मा ने कहा कि अस्पताल में एनेस्थीसिया का एक ही डॉक्टर तैनात है, जो इन दिनों छुट्टी पर है। यह डॉक्टर शनिवार से अस्पताल में अपनी सेवाएं देंगे। बिजली का जेनरेटर खराब पड़ा है, जिसको दुरुस्त करने के लिए कंपनी से बात की गई है। जल्द ही अस्पताल में बिजली की समस्या दूर की जाएगी।