{"_id":"5ae209f94f1c1b23338b5394","slug":"151524763129-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बमटा-झिकनीपुल सड़क पर मिला तेंदुए का शावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बमटा-झिकनीपुल सड़क पर मिला तेंदुए का शावक
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेरवा (रोहड़ू)। बमटा-झिकनीपुल सड़क पर चंजालपुल के समीप स्थानीय युवक को तेंदुए का शावक मिला है। यह 14 से 15 दिन का है। इससे क्षेत्र के लोग खौफजदा है। स्थानीय लोगों को डर है कि मादा तेंदुआ अब आक्रामक हो सकती है। राहगीरों पर हमला भी कर सकती है।
वन परिक्षेत्र कार्यालय नेरवा से मिली जानकारी के अनुसार बमटा के शंगडौली गांव का युवक रवींद्र उर्फ बेबी बुधवार को घर से झिकनीपुल की तरफ आ रहा था। चंजालपुल के समीप उसने एक शावक को सड़क के किनारे देखा। आसपास देखने पर उसे कोई अन्य जानवर नजर नहीं आया। उसने शावक को उठाकर इसकी सूचना वन परिक्षेत्र कार्यालय नेरवा को दी। नेरवा में तैनात महिला वन रक्षक आशु रावत ने शावक को अपने कब्जे लिया। इसकी सूचना अपने आला अधिकारियों सहित वन परिक्षेत्र वन्य प्राणी विंग कुफरी को दी। वन परिक्षेत्राधिकारी वन्य प्राणी विंग कुफरी हिमांशु और वन परिक्षेत्र अधिकारी पीएन दत्ता ने शावक को टूटीकंडी शिमला भेज दिया है।
उधर, वन परिक्षेत्राधिकारी वन्य विभाग कुफरी हिमांशु ने बताया कि शावक को बचाव एवं पुनर्वास केंद्र टूटीकंडी भेजा गया है। चिकित्सक इसकी जांच करने के बाद इसे अपनी देखरेख में रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
वन परिक्षेत्र कार्यालय नेरवा से मिली जानकारी के अनुसार बमटा के शंगडौली गांव का युवक रवींद्र उर्फ बेबी बुधवार को घर से झिकनीपुल की तरफ आ रहा था। चंजालपुल के समीप उसने एक शावक को सड़क के किनारे देखा। आसपास देखने पर उसे कोई अन्य जानवर नजर नहीं आया। उसने शावक को उठाकर इसकी सूचना वन परिक्षेत्र कार्यालय नेरवा को दी। नेरवा में तैनात महिला वन रक्षक आशु रावत ने शावक को अपने कब्जे लिया। इसकी सूचना अपने आला अधिकारियों सहित वन परिक्षेत्र वन्य प्राणी विंग कुफरी को दी। वन परिक्षेत्राधिकारी वन्य प्राणी विंग कुफरी हिमांशु और वन परिक्षेत्र अधिकारी पीएन दत्ता ने शावक को टूटीकंडी शिमला भेज दिया है।
विज्ञापन
उधर, वन परिक्षेत्राधिकारी वन्य विभाग कुफरी हिमांशु ने बताया कि शावक को बचाव एवं पुनर्वास केंद्र टूटीकंडी भेजा गया है। चिकित्सक इसकी जांच करने के बाद इसे अपनी देखरेख में रखेंगे।
विज्ञापन