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लवी मेले के मसालों से खूब महकती है रसोई
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:08 PM IST
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लवी मेले के मसालों से महकती है रसोई
दशकों से लवी मेले में सज रही है मसालों की मार्केट
दूर-दूर से लोग हर साल आते हैं मसालों की खरीददारी करने
ट्रैफिक के कारण विक्रेताओं को झेलनी पड़ रही हैं परेशानियां
तिलक राज कायथ
रामपुर बुशहर। रामपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रामपुर लवी मेले में सजी मसालों की मार्केट गृहणियों के रसोईघर का जायका बढ़ा रही है। दशकों से मेला मैदान के बाहर एनएच-5 पर सजने वाली मसालों की मार्केट में हर साल काफी ज्यादा भीड़ उमड़ती है। चार जिलों के केंद्र रामपुर क्षेत्र में किन्नौर, निरमंड और आनी समेत कई क्षेत्रों के लोग मेले में हर साल खरीददारी करने के लिए आते हैं। नेशनल हाईवे के एक किनारे लगी इस मार्केट में खास मसाले मिलते हैं, जो सामान्य तौर पर दुकानों पर कम ही मिलते हैं। फरन, किन्नौर का काला जीरा, कड़वी, पतीश, काला नमक और रतनजोत के अलावा शिलाजीत समेत कई प्रकार की जड़ी-बूटियां इस मार्केट में ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं।
मसाला मार्केट में रामपुर, आनी और निरमंड खंड के अधिकतर ग्राहक खरीदारी करने पहुंचते हैं। ममता, संदीपना, अनिता, शिवानी और शबनम के अनुसार उनके ग्राहक हर साल यहां नियमित रूप से खरीदारी करने पहुंचते हैं। जब से लवी मेला शुरू हुआ है, वे उस समय से ही यहां दुकानें लगाते आ रहे हैं। पहले उनके बुजुर्ग यहां पर मसाला मार्केट लगाते थे और अब वे इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि अब बढ़ते ट्रैफिक के कारण उनको दिक्कतें पेश आ रही हैं। वाहनों की बढ़ती तादाद के कारण उनको सामान लगाने के लिए जगह कम पड़ रही है। कभी कभी तो सड़क के किनारे सजाए मसालों को पैदल चलने वाले लोगों की भीड़ से बचाना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं उनके पास ऐसी कोई खुली जगह भी नहीं है, जहां मार्केट सजाई जा सके।
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दशकों से लवी मेले में सज रही है मसालों की मार्केट
दूर-दूर से लोग हर साल आते हैं मसालों की खरीददारी करने
ट्रैफिक के कारण विक्रेताओं को झेलनी पड़ रही हैं परेशानियां
तिलक राज कायथ
रामपुर बुशहर। रामपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रामपुर लवी मेले में सजी मसालों की मार्केट गृहणियों के रसोईघर का जायका बढ़ा रही है। दशकों से मेला मैदान के बाहर एनएच-5 पर सजने वाली मसालों की मार्केट में हर साल काफी ज्यादा भीड़ उमड़ती है। चार जिलों के केंद्र रामपुर क्षेत्र में किन्नौर, निरमंड और आनी समेत कई क्षेत्रों के लोग मेले में हर साल खरीददारी करने के लिए आते हैं। नेशनल हाईवे के एक किनारे लगी इस मार्केट में खास मसाले मिलते हैं, जो सामान्य तौर पर दुकानों पर कम ही मिलते हैं। फरन, किन्नौर का काला जीरा, कड़वी, पतीश, काला नमक और रतनजोत के अलावा शिलाजीत समेत कई प्रकार की जड़ी-बूटियां इस मार्केट में ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं।
मसाला मार्केट में रामपुर, आनी और निरमंड खंड के अधिकतर ग्राहक खरीदारी करने पहुंचते हैं। ममता, संदीपना, अनिता, शिवानी और शबनम के अनुसार उनके ग्राहक हर साल यहां नियमित रूप से खरीदारी करने पहुंचते हैं। जब से लवी मेला शुरू हुआ है, वे उस समय से ही यहां दुकानें लगाते आ रहे हैं। पहले उनके बुजुर्ग यहां पर मसाला मार्केट लगाते थे और अब वे इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि अब बढ़ते ट्रैफिक के कारण उनको दिक्कतें पेश आ रही हैं। वाहनों की बढ़ती तादाद के कारण उनको सामान लगाने के लिए जगह कम पड़ रही है। कभी कभी तो सड़क के किनारे सजाए मसालों को पैदल चलने वाले लोगों की भीड़ से बचाना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं उनके पास ऐसी कोई खुली जगह भी नहीं है, जहां मार्केट सजाई जा सके।
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