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राजपूत सभा ने उठाई ज्यूरी कॉलेज को बहाल करने की मांग
Updated Wed, 12 Sep 2018 10:12 PM IST
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ज्यूरी कॉलेज को बंद करने का विरोध
बुशैहर राजपूत सभा रामपुर की बैठक में उठा मुद्दा
कहा-सरकार के फैसले से युवा घरद्वार शिक्षा से वंचित
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। बुशैहर राजपूत सभा रामपुर की बैठक में ज्यूरी कॉलेज को बंद करने को लेकर चर्चा की गई। बैठक उपाध्यक्ष पद्म दास नेगी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस दौरान सभा के महासचिव श्याम लाल ठाकुर ने कहा कि बैठक में सर्वप्रथम ज्यूरी कॉलेज को बंद करने के फैसले का विरोध किया गया।
उन्होंने कहा कि ज्यूरी कॉलेज में क्षेत्र के छात्र-छात्राओं ने दाखिला भी लिया था और यहां शिक्षक भी तैनात की गए थे, लेकिन सरकार ने इसे बंद करने के आदेश जारी कर शिक्षक भी वापस बुला लिए हैं। इसके चलते यहां शिक्षारत विद्यार्थियों को पीजी कॉलेज रामपुर में शिक्षा ग्रहण करने जाना पड़ रहा है। पूर्व सरकार द्वारा ज्यूरी कॉलेज के लिए 5 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान भी किया गया था, लेकिन अब तत्कालीन सरकार ने ज्यूरी कॉलेज को बंद करने के आदेश जारी कर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्हें अब घरद्वार मिल रही शिक्षा से वंचित रहना पड़ेगा। क्षेत्र की एक दर्जन के करीब पंचायतों को इस कॉलेज से लाभ मिल रहा था, लेकिन अब क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए पीजी कॉलेज रामपुर पहुंचना पड़ेगा। सभा ने सरकार से ज्यूरी कॉलेज को पुन: खोलने की मांग की है।
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बुशैहर राजपूत सभा रामपुर की बैठक में उठा मुद्दा
कहा-सरकार के फैसले से युवा घरद्वार शिक्षा से वंचित
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। बुशैहर राजपूत सभा रामपुर की बैठक में ज्यूरी कॉलेज को बंद करने को लेकर चर्चा की गई। बैठक उपाध्यक्ष पद्म दास नेगी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस दौरान सभा के महासचिव श्याम लाल ठाकुर ने कहा कि बैठक में सर्वप्रथम ज्यूरी कॉलेज को बंद करने के फैसले का विरोध किया गया।
उन्होंने कहा कि ज्यूरी कॉलेज में क्षेत्र के छात्र-छात्राओं ने दाखिला भी लिया था और यहां शिक्षक भी तैनात की गए थे, लेकिन सरकार ने इसे बंद करने के आदेश जारी कर शिक्षक भी वापस बुला लिए हैं। इसके चलते यहां शिक्षारत विद्यार्थियों को पीजी कॉलेज रामपुर में शिक्षा ग्रहण करने जाना पड़ रहा है। पूर्व सरकार द्वारा ज्यूरी कॉलेज के लिए 5 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान भी किया गया था, लेकिन अब तत्कालीन सरकार ने ज्यूरी कॉलेज को बंद करने के आदेश जारी कर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्हें अब घरद्वार मिल रही शिक्षा से वंचित रहना पड़ेगा। क्षेत्र की एक दर्जन के करीब पंचायतों को इस कॉलेज से लाभ मिल रहा था, लेकिन अब क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए पीजी कॉलेज रामपुर पहुंचना पड़ेगा। सभा ने सरकार से ज्यूरी कॉलेज को पुन: खोलने की मांग की है।
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