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रागटा ने तहस नहस किया बागवानी का आधारभूत ढांचा-कांग्रेस
Updated Tue, 04 Sep 2018 09:32 PM IST
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विकास को लेकर विधायक को घेरा
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-कोटखाई ने लगाया आरोप
कहा-विधायक बरागटा कर रहे हैं क्षेत्र की अनदेखी
रोहड़ू। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-कोटखाई ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र विकास की दृष्टि से पिछड़ गया है। विधायक प्रदेश सरकार के अंदर अपना अस्तित्व बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
कमेटी के अध्यक्ष रमेश चौहान, उपाध्यक्ष ओपी रांटा, अनीता चौहान, विक्रम कंवर और उमेश सुमन के अनुसार वर्ष 2012 में गुम्मा प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास एक चुनाव स्टंट था। पूर्व में मंत्री रहते हुए बरागटा ने बिना बजट के प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास किया था। उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार की ओर से तैयार किया गया बागवानी का आधारभूत ढांचा भी तहस-नहस किया है। गुम्मा फैक्टरी को कबाड़ के भाव बेचा गया। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान 1134 करोड़ का बागवानी प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। जिसे भाजपा सरकार ने राजनीतिक की भेंट चढ़ा दिया। पीतांजली पीठ को भाजपा सरकार के कार्यकाल में साधुपुल में 100 बीघा बहुमूल्य जमीन कौड़ियों के भाव दी गई थी। कांग्रेस अपने कार्यकाल में जुब्बल-कोटखाई के अंदर सीए स्टोर खोलना चाहती थी लेकिन बरागटा ने उसे भी राजनीतिक की भेंट चढ़ा दिया। सेब बागवानों को कम फसल होने के बावजूद भी दाम सही न मिलने का दोष भी भाजपा सरकार है। एंटी हेलगन लगाने का चुनावी वादा भी जुमला ही साबित हो रहा है। पिछले भाजपा कार्यकाल में बागवानी विभाग से मिलने वाले अनुदान को अपने चेहतों को ही बांटा गया।
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ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-कोटखाई ने लगाया आरोप
कहा-विधायक बरागटा कर रहे हैं क्षेत्र की अनदेखी
रोहड़ू। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-कोटखाई ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र विकास की दृष्टि से पिछड़ गया है। विधायक प्रदेश सरकार के अंदर अपना अस्तित्व बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
कमेटी के अध्यक्ष रमेश चौहान, उपाध्यक्ष ओपी रांटा, अनीता चौहान, विक्रम कंवर और उमेश सुमन के अनुसार वर्ष 2012 में गुम्मा प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास एक चुनाव स्टंट था। पूर्व में मंत्री रहते हुए बरागटा ने बिना बजट के प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास किया था। उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार की ओर से तैयार किया गया बागवानी का आधारभूत ढांचा भी तहस-नहस किया है। गुम्मा फैक्टरी को कबाड़ के भाव बेचा गया। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान 1134 करोड़ का बागवानी प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। जिसे भाजपा सरकार ने राजनीतिक की भेंट चढ़ा दिया। पीतांजली पीठ को भाजपा सरकार के कार्यकाल में साधुपुल में 100 बीघा बहुमूल्य जमीन कौड़ियों के भाव दी गई थी। कांग्रेस अपने कार्यकाल में जुब्बल-कोटखाई के अंदर सीए स्टोर खोलना चाहती थी लेकिन बरागटा ने उसे भी राजनीतिक की भेंट चढ़ा दिया। सेब बागवानों को कम फसल होने के बावजूद भी दाम सही न मिलने का दोष भी भाजपा सरकार है। एंटी हेलगन लगाने का चुनावी वादा भी जुमला ही साबित हो रहा है। पिछले भाजपा कार्यकाल में बागवानी विभाग से मिलने वाले अनुदान को अपने चेहतों को ही बांटा गया।
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