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सोलह करोड़ की उठाऊ पेयजल योजना हांफी
Updated Fri, 16 Mar 2018 07:16 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
डंसा (रामपुर बुशहर)।
रामपुर खंड की पांच पंचायतों के हजारों लोगों की सुविधा के लिए 16 करोड़ की लागत से बनी सेरीपुल-बाहलीधार उठाऊ पेयजल योजना शुरूआती दौर में ही हांफने लगी है, जबकि आईपीएच विभाग इससे बेखबर है। आनन-फानन में पूर्व कांग्रेस सरकार ने इस पेयजल योजना का लोकार्पण किया था। आज स्थिति ऐसी बन गई है कि पांच पंचायतों के हजारों लोगों को पानी की बूंद-बूंद के लिए भटकना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने आईपीएच विभाग को चेताया है कि यदि जल्द ही इस पेयजल योजना से पानी की सुचारु सप्लाई नहीं दी जाती तो ग्रामीण मजबूरन सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।
बीते वर्ष पूर्व सरकार ने काशापाट खड्ड से सेरीपुल-बाहलीधार पेयजल योजना जनता को समर्पित की थी। लेकिन लोकार्पण के कुछ ही समय बाद यह योजना हांफनी शुरू हो गई। इस पेयजल योजना से विकास खंड की डंसा, लालसा, शिंगला, कूहल-देवठी और मुनिश पंचायत के थला गांव को भी जोड़ा गया था। लेकिन बावजूद इसके क्षेत्र की इन पंचायतों के लोगों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है। आईपीएच विभाग कभी पेयजल योजना की पाइप लाइन टूटने, तो कभी बिजली न होने का रोना रो रहा है। करोड़ों रुपये की पेयजल योजना के बाद भी ग्रामीणों को एक-एक सप्ताह बाद पेयजल आपूर्ति मिल पा रही है, जबकि कई इलाकों में तो स्थिति और भी बदतर बनी हुई है। क्षेत्र के सुरेंद्र, जय सिंह, लक्ष्मी नंद, गौतम लाल, अजय कुमार, गोवर्धन दास, रामसेन, गोकल राम, सेन राम, प्यारे लाल, फूला सिंह और चतर सिंह सहित कई अन्य लोगों ने बताया कि करोड़ों रुपये से बनी यह पेयजल योजना आज सवालों के घेरे में है।
पानी न होने से स्टोरेज टैंक बना शोपीस
खंड की दो पंचायतों डंसा और शिंगला के हजारों लोगों को पेयजल मुहैया करवाने के लिए विभाग ने डेढ़ लाख लीटर पानी की क्षमता वाला स्टोरेज टैंक बनाया है। बिना पानी के यह टैंक भी शोपीस बना हुआ है।
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एसडीओ, जेई को भेजेंगे मौके पर : वीरेंद्र
आईपीएच विभाग रामपुर के एक्सईएन वीरेंद्र ठाकुर ने कहा कि उन्हें समस्या के बारे में कोई जानकारी नहीं है। यदि इस तरह की समस्या है तो जल्द ही संबंधित एसडीओ और जेई को मौके पर भेजने के निर्देश दिए जाएंगे।
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डंसा (रामपुर बुशहर)।
रामपुर खंड की पांच पंचायतों के हजारों लोगों की सुविधा के लिए 16 करोड़ की लागत से बनी सेरीपुल-बाहलीधार उठाऊ पेयजल योजना शुरूआती दौर में ही हांफने लगी है, जबकि आईपीएच विभाग इससे बेखबर है। आनन-फानन में पूर्व कांग्रेस सरकार ने इस पेयजल योजना का लोकार्पण किया था। आज स्थिति ऐसी बन गई है कि पांच पंचायतों के हजारों लोगों को पानी की बूंद-बूंद के लिए भटकना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने आईपीएच विभाग को चेताया है कि यदि जल्द ही इस पेयजल योजना से पानी की सुचारु सप्लाई नहीं दी जाती तो ग्रामीण मजबूरन सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।
बीते वर्ष पूर्व सरकार ने काशापाट खड्ड से सेरीपुल-बाहलीधार पेयजल योजना जनता को समर्पित की थी। लेकिन लोकार्पण के कुछ ही समय बाद यह योजना हांफनी शुरू हो गई। इस पेयजल योजना से विकास खंड की डंसा, लालसा, शिंगला, कूहल-देवठी और मुनिश पंचायत के थला गांव को भी जोड़ा गया था। लेकिन बावजूद इसके क्षेत्र की इन पंचायतों के लोगों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है। आईपीएच विभाग कभी पेयजल योजना की पाइप लाइन टूटने, तो कभी बिजली न होने का रोना रो रहा है। करोड़ों रुपये की पेयजल योजना के बाद भी ग्रामीणों को एक-एक सप्ताह बाद पेयजल आपूर्ति मिल पा रही है, जबकि कई इलाकों में तो स्थिति और भी बदतर बनी हुई है। क्षेत्र के सुरेंद्र, जय सिंह, लक्ष्मी नंद, गौतम लाल, अजय कुमार, गोवर्धन दास, रामसेन, गोकल राम, सेन राम, प्यारे लाल, फूला सिंह और चतर सिंह सहित कई अन्य लोगों ने बताया कि करोड़ों रुपये से बनी यह पेयजल योजना आज सवालों के घेरे में है।
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पानी न होने से स्टोरेज टैंक बना शोपीस
खंड की दो पंचायतों डंसा और शिंगला के हजारों लोगों को पेयजल मुहैया करवाने के लिए विभाग ने डेढ़ लाख लीटर पानी की क्षमता वाला स्टोरेज टैंक बनाया है। बिना पानी के यह टैंक भी शोपीस बना हुआ है।
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एसडीओ, जेई को भेजेंगे मौके पर : वीरेंद्र
आईपीएच विभाग रामपुर के एक्सईएन वीरेंद्र ठाकुर ने कहा कि उन्हें समस्या के बारे में कोई जानकारी नहीं है। यदि इस तरह की समस्या है तो जल्द ही संबंधित एसडीओ और जेई को मौके पर भेजने के निर्देश दिए जाएंगे।