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आखिरकार गिंदगी की जंग हार गई गीता
Updated Sat, 27 Jan 2018 09:37 PM IST
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दलाश(कुल्लू)। आनी विकास खंड की तलुणा पंचायत के ओलवा गांव की गीता देवी, पत्नी नरेश कुमार आखिरकार पीजीआई चंडीगढ़ में जिंदगी की जंग हार गई। सूचना मिलते ही आनी पुलिस की टीम महिला का शव लाने के लिए चंडीगढ़ रवाना हो गई है।
पुलिस के मुताबिक 16 जनवरी को गीता देवी अपने मायके दलाश पंचायत के गोहाण गांव में आई थी। उस दिन गांव के साथ लगते जंगल में भयंकर आग लग गई थी। आग धीरे-धीरे गांव की ओर आ गई। अभागी गीता मायके का घर, घास और सेब के पौधों को बचाने के लिए आग बुझाने में जुटी। आग इतनी भयंकर थी कि गीता इसकी चपेट में आने से बुरी तरह से झुलस गई। झुलसी अवस्था में उसे सीएचसी दलाश लाया गया, जहां से उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। गीता की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे शिमला से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। वहां कई दिनों तक गीता जिंदगी और मौत से जूझ रही थी। शनिवार सुबह करीब 7 बजे गीता जिंदगी से हार गई। जैसे ही इस बात का पता दलाश क्षेत्र के लोगों को लगा तो समूचे क्षेत्र में मातम छा गया।
आनी की सामाजिक संस्था सचेत ने गीता के इलाज के लिए राशि भी एकत्रित की थी, ताकि उसे बेहतर उपचार मिल सके, लेकिन लोगों की दुआएं भी अंत में काम न आई और गीता ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।डीएसपी आनी रोहित मृगपुरी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीजीआई चंडीगढ़ से आनी थाने में महिला की मृत्यु होने की सूचना मिली है। पुलिस का दल महिला के शव को लाने के लिए चंडीगढ़ रवाना हो गया है।
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पुलिस के मुताबिक 16 जनवरी को गीता देवी अपने मायके दलाश पंचायत के गोहाण गांव में आई थी। उस दिन गांव के साथ लगते जंगल में भयंकर आग लग गई थी। आग धीरे-धीरे गांव की ओर आ गई। अभागी गीता मायके का घर, घास और सेब के पौधों को बचाने के लिए आग बुझाने में जुटी। आग इतनी भयंकर थी कि गीता इसकी चपेट में आने से बुरी तरह से झुलस गई। झुलसी अवस्था में उसे सीएचसी दलाश लाया गया, जहां से उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। गीता की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे शिमला से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। वहां कई दिनों तक गीता जिंदगी और मौत से जूझ रही थी। शनिवार सुबह करीब 7 बजे गीता जिंदगी से हार गई। जैसे ही इस बात का पता दलाश क्षेत्र के लोगों को लगा तो समूचे क्षेत्र में मातम छा गया।
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आनी की सामाजिक संस्था सचेत ने गीता के इलाज के लिए राशि भी एकत्रित की थी, ताकि उसे बेहतर उपचार मिल सके, लेकिन लोगों की दुआएं भी अंत में काम न आई और गीता ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।डीएसपी आनी रोहित मृगपुरी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीजीआई चंडीगढ़ से आनी थाने में महिला की मृत्यु होने की सूचना मिली है। पुलिस का दल महिला के शव को लाने के लिए चंडीगढ़ रवाना हो गया है।
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