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तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर नहीं
Updated Mon, 11 Dec 2017 10:12 PM IST
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आनी (कुल्लू)। सरकार की ओर से दूरदराज क्षेत्र के गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन यह दावे खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं। आनी के कई स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ नहीं है। ऐसे में यहां पर लोगों को उपचार की उचित सुविधा नहीं मिल रही है। तीन पीएचसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी देख रहे हैं, जबकि आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट नहीं है। ऐसे में ये स्वास्थ्य केंद्र लोगों के लिए एक मजाक बनकर रह गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आनी ब्लॉक में आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रदेश सरकार की ओर से खोले जा चुके हैं। इनमें से तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाल ही में खोले गए हैं। लेकिन अभी तक इन तीनों पीएचसी को चलाने वाला कोई नहीं है। यहां च्वाई और श्वाड़ में मात्र एक-एक चौकीदार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को चला रहे हैं, जबकि लूहरी पीएचसी अभी तक बिना स्टाफ के चल रही है। इसके अलावा खनाग, कुंगश, लगौटी, कोठी, डिगेढ़ स्वास्थ्य केंद्रों में एक भी फार्मासिस्ट नहीं है, जबकि आठ में से मात्र चार स्वास्थ्य केंद्र डिगेढ़, कोठी, लगौटी और खनाग में एक-एक डॉक्टर तैनात हैं। बाकी बची पीएचसी में कहीं भी डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य सुविधा होते हुए भी उपचार के लिए मुख्यालय का सफर करने को मजबूर हैं।
पंचायत समिति अध्यक्ष अंजना भारती, बुद्धि सिंह राणा, महेंद्र सिंह, हरीश शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग से मांग उठाई है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जल्द स्टाफ की तैनाती करें, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को घरद्वार स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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अधिकारियों को किया सूचित : रणजीत
बीएमओ आनी डॉ. रणजीत का कहना है कि पूरे प्रदेश में फार्मासिस्टों का टोटा चल रहा है। आनी में विभिन्न खाली पदों की नियुक्ति के बारे में आलाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार आनी ब्लॉक में आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रदेश सरकार की ओर से खोले जा चुके हैं। इनमें से तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाल ही में खोले गए हैं। लेकिन अभी तक इन तीनों पीएचसी को चलाने वाला कोई नहीं है। यहां च्वाई और श्वाड़ में मात्र एक-एक चौकीदार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को चला रहे हैं, जबकि लूहरी पीएचसी अभी तक बिना स्टाफ के चल रही है। इसके अलावा खनाग, कुंगश, लगौटी, कोठी, डिगेढ़ स्वास्थ्य केंद्रों में एक भी फार्मासिस्ट नहीं है, जबकि आठ में से मात्र चार स्वास्थ्य केंद्र डिगेढ़, कोठी, लगौटी और खनाग में एक-एक डॉक्टर तैनात हैं। बाकी बची पीएचसी में कहीं भी डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य सुविधा होते हुए भी उपचार के लिए मुख्यालय का सफर करने को मजबूर हैं।
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पंचायत समिति अध्यक्ष अंजना भारती, बुद्धि सिंह राणा, महेंद्र सिंह, हरीश शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग से मांग उठाई है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जल्द स्टाफ की तैनाती करें, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को घरद्वार स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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अधिकारियों को किया सूचित : रणजीत
बीएमओ आनी डॉ. रणजीत का कहना है कि पूरे प्रदेश में फार्मासिस्टों का टोटा चल रहा है। आनी में विभिन्न खाली पदों की नियुक्ति के बारे में आलाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।