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प्रधान पर लगाए धनराशि का दुरूपयोग करने के आरोप
Updated Fri, 21 Sep 2018 10:16 PM IST
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प्रधान पर धनराशि का दुरुपयोग का आरोप
विद्युत परियोजना ने पंचायत प्रधान को दी थी तीन लाख की राशि
राशि से ग्रामीणों को कृषि जानकारी और तीर्थ स्थलों का होना था भ्रमण
रोषजदा ग्रामीणों ने उपायुक्त को पत्र भेजकर की जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायत कूट में ग्रामीणों ने पंचायत प्रधान पर जनहित के लिए मिली धनराशि का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में उपायुक्त शिमला को शिकायत पत्र भेजकर मामले की छानबीन कर उचित कार्रवाई करने की मांग उठाई है। वहीं प्रधान ने ग्रामीणों के सारे आरोपों को खारिज किया है।
कूट पंचायत के नंद लाल, शमशेर सिंह, अशोक कुमार, विनोद कुमार, कृष्ण किशोर सहित अन्य ग्रामीणों ने उपायुक्त को भेजे शिकायत पत्र में कहा है कि रामपुर की दूरदराज पंचायत कूट में निर्माणाधीन 24 मेगावाट कूट पनविद्युत परियोजना ने 17 मई 2011 को कूट पंचायत की जनता को कृषि की जानकारी और मुख्य तीर्थ स्थानों की यात्रा में जाने के लिए कूट पंचायत प्रधान विजय के माध्यम से पंचायत को तीन लाख रुपये की राशि दी थी। रुपये प्राप्ति की रसीद तत्कालीन प्रधान विजय सिंह द्वारा परियोजना प्रबंधन को दी गई है।
वर्ष 2010-2015 में ग्राम पंचायत कूट के प्रधान पद पर विजय सिंह, पुत्र खीम सिंह थे, जो वर्तमान में भी इस पंचायत के प्रधान पद पर आसीन है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत कूट से किसी भी सदस्य को कृषि जानकारी और तीर्थ स्थानों की यात्रा के लिए न तो मई 2011 से 19 सितंबर 2018 तक ले जाया गया और न ही दिनांक 17 मई 2011 को परियोजना से प्राप्त की गई धनराशि को आजतक पंचायत के खाते में जमा किया है। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रधान विजय सिंह ने अपने कार्यकाल में इस धनराशि का गबन किया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त को भेजी शिकायत में प्रधान के विरुद्ध अपने पद का दुरुपयोग करने और सरकारी पैसे का गबन करने के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम, 1994, पंचायती राज नियम और पंचायती राज वित्तीय नियम के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाए कि पंचायत प्रधान 24 मेगावाट विद्युत परियोजना के नए मालिक के पक्ष में कार्य कर रहे हैं, जबकि परियोजना प्रभावित परिवारों की मांगों को दरकिनार किया जा रहा है। परियोजना में प्रभावितों को रोजगार नहीं दिया जा रहा। कूट पंचायत के प्रधान विजय के अनुसार उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। कुछ लोग आपसी रंजिश के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। जनता का पैसा सुरक्षित है।
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विद्युत परियोजना ने पंचायत प्रधान को दी थी तीन लाख की राशि
राशि से ग्रामीणों को कृषि जानकारी और तीर्थ स्थलों का होना था भ्रमण
रोषजदा ग्रामीणों ने उपायुक्त को पत्र भेजकर की जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायत कूट में ग्रामीणों ने पंचायत प्रधान पर जनहित के लिए मिली धनराशि का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में उपायुक्त शिमला को शिकायत पत्र भेजकर मामले की छानबीन कर उचित कार्रवाई करने की मांग उठाई है। वहीं प्रधान ने ग्रामीणों के सारे आरोपों को खारिज किया है।
कूट पंचायत के नंद लाल, शमशेर सिंह, अशोक कुमार, विनोद कुमार, कृष्ण किशोर सहित अन्य ग्रामीणों ने उपायुक्त को भेजे शिकायत पत्र में कहा है कि रामपुर की दूरदराज पंचायत कूट में निर्माणाधीन 24 मेगावाट कूट पनविद्युत परियोजना ने 17 मई 2011 को कूट पंचायत की जनता को कृषि की जानकारी और मुख्य तीर्थ स्थानों की यात्रा में जाने के लिए कूट पंचायत प्रधान विजय के माध्यम से पंचायत को तीन लाख रुपये की राशि दी थी। रुपये प्राप्ति की रसीद तत्कालीन प्रधान विजय सिंह द्वारा परियोजना प्रबंधन को दी गई है।
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वर्ष 2010-2015 में ग्राम पंचायत कूट के प्रधान पद पर विजय सिंह, पुत्र खीम सिंह थे, जो वर्तमान में भी इस पंचायत के प्रधान पद पर आसीन है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत कूट से किसी भी सदस्य को कृषि जानकारी और तीर्थ स्थानों की यात्रा के लिए न तो मई 2011 से 19 सितंबर 2018 तक ले जाया गया और न ही दिनांक 17 मई 2011 को परियोजना से प्राप्त की गई धनराशि को आजतक पंचायत के खाते में जमा किया है। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रधान विजय सिंह ने अपने कार्यकाल में इस धनराशि का गबन किया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त को भेजी शिकायत में प्रधान के विरुद्ध अपने पद का दुरुपयोग करने और सरकारी पैसे का गबन करने के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम, 1994, पंचायती राज नियम और पंचायती राज वित्तीय नियम के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाए कि पंचायत प्रधान 24 मेगावाट विद्युत परियोजना के नए मालिक के पक्ष में कार्य कर रहे हैं, जबकि परियोजना प्रभावित परिवारों की मांगों को दरकिनार किया जा रहा है। परियोजना में प्रभावितों को रोजगार नहीं दिया जा रहा। कूट पंचायत के प्रधान विजय के अनुसार उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। कुछ लोग आपसी रंजिश के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। जनता का पैसा सुरक्षित है।
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