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सैकड़ों भेड़ पालक नहीं बेच सके ऊन
Updated Sat, 18 Nov 2017 07:14 PM IST
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- फोटो : Getty
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रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों भेड़ पालकों को ऊन बेचने की सुविधा नहीं मिल पाई है। हाल ही में ज्यूरी स्थित भेड़ प्रजनन केंद्र में हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन की ओर से ऊन क्रय केंद्र खोला गया था। यहां पर दो दिनों तक ही भेड़ पालकों को ऊन बेचने की सुविधा मिल पाई थी। हालांकि अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों भेड़ पालक ऐसे हैं, जो ऊन नहीं बेच सके। ऊन बेचने से वंचित भेड़ पालकों ने विभाग से उनकी सुविधा को देखते हुए ऊन क्रय केंद्र खोलने की मांग की है। भेड़ पालकों ने रामपुर में स्थायी ऊन क्रय केंद्र खोलने की मांग उठाई है।
बीते दिनों वूल फेडरेशन की ओर से ज्यूरी में दो दिन तक किन्नौर और रामपुर के भेड़ पालकों के लिए ऊन क्रय केंद्र खोला गया था, जिसमें करीब 250 भेड़ पालकों ने हिस्सा लिया। लेकिन रामपुर उपमंडल के दुर्गम क्षेत्र 15/20 के सैकड़ों भेड़ पालकों को क्रय केंद्र की सूचना नहीं मिल सकी, जिससे वे वंचित रह गए। क्रय केंद्र की ओर से भेड़ पालकों को विभिन्न किस्मों की ऊन अलग लाने के बारे में सूचित नहीं किया गया। इसके चलते कई भेड़ पालक ऊन बेचे बगैर वापस लौटे। कूट पंचायत उप प्रधान एमएस नेगी, टिकम सिंह, बीरबल, भगवान सिंह, देविंद्र सिंह, सिंह राम, खेम सिंह, भागर दास और यशपाल आदि ने कहा कि क्रय केंद्र में उनकी ऊन नहीं बिक पाई, क्योंकि उनके पास विभिन्न किस्मों की ऊन थी। उन्होंने प्रदेश वूल फेडरेशन के अधिकारियों से भेड़ पालकों के लिए फिर से क्रय केंद्र लगाने की मांग की है, ताकि वे अपनी ऊन बेच सकें। भेड़ पालकों ने फेडरेशन से 15/20 क्षेत्र के गानवीं में जल्द ऊन क्रय केंद्र खोलने की मांग की है।
ऊन बेचने के लिए विभाग के नंबर पर करें संपर्क
प्रदेश वूल फेडरेशन के प्रबंधक दीपक सैनी ने कहा कि ऊन क्रय केंद्र खोलने से पहले क्षेत्र के बड़े भेड़ पालकों को सूचित किया जाता है। जिन भेड़ पालकों को ऊन बेचने की सुविधा नहीं मिल पाई है, वे विभाग के दूरभाष नंबर 01894-231208 पर संपर्क कर ऊन बेच सकते हैं। फेडरेशन प्रदेश भर में समय-समय पर भेड़ पालकों के लिए अस्थायी क्रय केंद्र स्थापित करता रहता है।
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बीते दिनों वूल फेडरेशन की ओर से ज्यूरी में दो दिन तक किन्नौर और रामपुर के भेड़ पालकों के लिए ऊन क्रय केंद्र खोला गया था, जिसमें करीब 250 भेड़ पालकों ने हिस्सा लिया। लेकिन रामपुर उपमंडल के दुर्गम क्षेत्र 15/20 के सैकड़ों भेड़ पालकों को क्रय केंद्र की सूचना नहीं मिल सकी, जिससे वे वंचित रह गए। क्रय केंद्र की ओर से भेड़ पालकों को विभिन्न किस्मों की ऊन अलग लाने के बारे में सूचित नहीं किया गया। इसके चलते कई भेड़ पालक ऊन बेचे बगैर वापस लौटे। कूट पंचायत उप प्रधान एमएस नेगी, टिकम सिंह, बीरबल, भगवान सिंह, देविंद्र सिंह, सिंह राम, खेम सिंह, भागर दास और यशपाल आदि ने कहा कि क्रय केंद्र में उनकी ऊन नहीं बिक पाई, क्योंकि उनके पास विभिन्न किस्मों की ऊन थी। उन्होंने प्रदेश वूल फेडरेशन के अधिकारियों से भेड़ पालकों के लिए फिर से क्रय केंद्र लगाने की मांग की है, ताकि वे अपनी ऊन बेच सकें। भेड़ पालकों ने फेडरेशन से 15/20 क्षेत्र के गानवीं में जल्द ऊन क्रय केंद्र खोलने की मांग की है।
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ऊन बेचने के लिए विभाग के नंबर पर करें संपर्क
प्रदेश वूल फेडरेशन के प्रबंधक दीपक सैनी ने कहा कि ऊन क्रय केंद्र खोलने से पहले क्षेत्र के बड़े भेड़ पालकों को सूचित किया जाता है। जिन भेड़ पालकों को ऊन बेचने की सुविधा नहीं मिल पाई है, वे विभाग के दूरभाष नंबर 01894-231208 पर संपर्क कर ऊन बेच सकते हैं। फेडरेशन प्रदेश भर में समय-समय पर भेड़ पालकों के लिए अस्थायी क्रय केंद्र स्थापित करता रहता है।
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