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पोशना में मनरेगा के रोजगार को तरसे ग्रामीण
Updated Thu, 13 Dec 2018 10:32 PM IST
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पोशना में नहीं मिल रहा मनरेगा के तहत रोजगार
आरोप : बीते पांच माह से पंचायत में ठप पड़े हैं मनरेगा कार्य
चकलोट वार्ड में 21 अगस्त को हुआ था आखिरी कार्य
ग्रामीणों को अर्जी देने के बाद भी नहीं मिला रोजगार
अमर उजाला ब्यूरो
ब्रौ (रामपुर बुशहर)। निरमंड खंड की पोशना पंचायत में ग्रामीणों ने पांच महीने से रोजगार न मिलने का दावा किया है। ग्रामीण रोजगार न मिलने के लिए पंचायत प्रधान और मनरेगा सचिव की लापरवाही करार दे रहे हैं। पोशना पंचायत की छाया मणि, बिमला देवी, हीरामणि, ईश्वर दास, हुताशन देव, दौलत राम, राकेश, नरोत्तम दास, सुमनलता, पुष्पा देवी और चमन लाल का कहना है कि उनके वार्ड में आखिरी दफा मनरेगा के तहत कार्य 7 से 21 अगस्त हुआ था। इसके बाद उन्हें रोजगार के नाम पर कुछ नहीं मिल पाया। हालांकि इन सभी लोगों ने अपनी वार्ड सदस्य शांति देवी के माध्यम से रोजगार की अर्जी दी थी, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिल पाया।
इस संबंध में बीडीओ निरमंड मनमोहन के अनुसार पोशना पंचायत में मनरेगा के तहत रोजगार नहीं मिलने के बारे में उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। मनरेगा कानून के तहत मजदूरों के अर्जी देने के 15 दिन के भीतर रोजगार देने का प्रावधान है। यदि ऐसा मामला है तो जल्द ही इसकी जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बेरोजगारों को जल्द ही रोजगार मुहैया करवाया जाएगा।
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आरोप : बीते पांच माह से पंचायत में ठप पड़े हैं मनरेगा कार्य
चकलोट वार्ड में 21 अगस्त को हुआ था आखिरी कार्य
ग्रामीणों को अर्जी देने के बाद भी नहीं मिला रोजगार
अमर उजाला ब्यूरो
ब्रौ (रामपुर बुशहर)। निरमंड खंड की पोशना पंचायत में ग्रामीणों ने पांच महीने से रोजगार न मिलने का दावा किया है। ग्रामीण रोजगार न मिलने के लिए पंचायत प्रधान और मनरेगा सचिव की लापरवाही करार दे रहे हैं। पोशना पंचायत की छाया मणि, बिमला देवी, हीरामणि, ईश्वर दास, हुताशन देव, दौलत राम, राकेश, नरोत्तम दास, सुमनलता, पुष्पा देवी और चमन लाल का कहना है कि उनके वार्ड में आखिरी दफा मनरेगा के तहत कार्य 7 से 21 अगस्त हुआ था। इसके बाद उन्हें रोजगार के नाम पर कुछ नहीं मिल पाया। हालांकि इन सभी लोगों ने अपनी वार्ड सदस्य शांति देवी के माध्यम से रोजगार की अर्जी दी थी, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिल पाया।
इस संबंध में बीडीओ निरमंड मनमोहन के अनुसार पोशना पंचायत में मनरेगा के तहत रोजगार नहीं मिलने के बारे में उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। मनरेगा कानून के तहत मजदूरों के अर्जी देने के 15 दिन के भीतर रोजगार देने का प्रावधान है। यदि ऐसा मामला है तो जल्द ही इसकी जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बेरोजगारों को जल्द ही रोजगार मुहैया करवाया जाएगा।
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