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प्लॉट आवंटन के नाम पर लूट करने का लगाया आरोप
Updated Sat, 17 Nov 2018 10:04 PM IST
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प्लॉट आवंटन के नाम पर लूट रहे ठेकेदार
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में नहीं थमी ठेकेदारों की मनमानी
मेला मैदान में गुजरात से आए व्यापारियों ने खोला मोर्चा
आरोपी ठेकेदार वसूल रहा 40 हजार रुपये प्रति प्लॉट
16 हजार रुपये से अधिक कीमत पर नहीं बेच सकते प्लॉट : कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। दशकों से चले आ रहे अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में प्लॉट आवंटन के नाम पर होने वाली धांधली इस बार भी नहीं थमी। इस वर्ष आयोजित हो रहे लवी मेले में जहां प्लॉट आवंटन को लेकर आधार और पैन की अनिवार्यता की गई थी, वहीं मेले में ऐसा न होकर ठेकेदारों की मनमानी कायम है। ऐसे में अन्य राज्यों से मेले में पहुंच रहे व्यापारी धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। नाराज व्यापारियों ने शनिवार को मेला मैदान में मेला कमेटी और प्लॉट आवंटन कमेटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इन व्यापारियों ने प्रदेश सरकार और लवी मेला कमेटी से प्लॉट आवंटन के नाम पर हो रही धांधली पर रोक लगाने की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय लवी मेला मैदान में जिस स्थान पर 11 से 14 नवंबर तक विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियां लगती हैं, वह जगह अब खाली हो गई है। इस जगह पर गुजरात से आए व्यापारियों ने प्लॉट खरीदे थे। गुजरात से आए व्यापारी सुरेश, वीना, लीली, चमन, मंगत, विजय, विक्रम, अजय, संतोष, गोविंद, आनंद, कालू, बॉबी, सुरेश, कमल और विनय का कहना है कि मेले में सजने वाले प्लॉटों के आवंटन को लेकर भाजपा सरकार ने आधार और पैन कार्ड के माध्यम से दो प्लॉट खरीदने की सुविधा दी थी, लेकिन इसे दरकिनार कर ठेकेदारी प्रथा फिर से शुरू कर दी है। सभी व्यापारियों ने 5 लाख में सभी प्लॉट खरीदे थे, लेकिन स्थानीय ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए ये प्लॉट 3.50 लाख रुपये में बेचे गए। वहीं ठेकेदार व्यापारियों से एक प्लॉट का 40-40 हजार रुपये वसूलने की बात कह रहा है। व्यापारी यह रकम सीधा सरकार और प्रशासन को देने को तैयार है, लेकिन ठेकेदार को नहीं। उन्होंने प्लॉटों की नियमानुसार वसूली न होने पर रोष जताते हुए मेले में ठेकेदारों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है।
वहीं इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय लवी मेला कमेटी अध्यक्ष एवं डीसी शिमला अमित कश्यप ने कहा कि प्रशासन की ओर से मेला मैदान में एक प्लॉट के दाम 16 हजार रुपये निर्धारित किए हैं। इससे अधिक कीमत पर प्लॉटों का आवंटन नहीं हो सकता। इस मामले में संलिप्त लोगों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- सुभाष
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अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में नहीं थमी ठेकेदारों की मनमानी
मेला मैदान में गुजरात से आए व्यापारियों ने खोला मोर्चा
आरोपी ठेकेदार वसूल रहा 40 हजार रुपये प्रति प्लॉट
16 हजार रुपये से अधिक कीमत पर नहीं बेच सकते प्लॉट : कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। दशकों से चले आ रहे अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में प्लॉट आवंटन के नाम पर होने वाली धांधली इस बार भी नहीं थमी। इस वर्ष आयोजित हो रहे लवी मेले में जहां प्लॉट आवंटन को लेकर आधार और पैन की अनिवार्यता की गई थी, वहीं मेले में ऐसा न होकर ठेकेदारों की मनमानी कायम है। ऐसे में अन्य राज्यों से मेले में पहुंच रहे व्यापारी धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। नाराज व्यापारियों ने शनिवार को मेला मैदान में मेला कमेटी और प्लॉट आवंटन कमेटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इन व्यापारियों ने प्रदेश सरकार और लवी मेला कमेटी से प्लॉट आवंटन के नाम पर हो रही धांधली पर रोक लगाने की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय लवी मेला मैदान में जिस स्थान पर 11 से 14 नवंबर तक विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियां लगती हैं, वह जगह अब खाली हो गई है। इस जगह पर गुजरात से आए व्यापारियों ने प्लॉट खरीदे थे। गुजरात से आए व्यापारी सुरेश, वीना, लीली, चमन, मंगत, विजय, विक्रम, अजय, संतोष, गोविंद, आनंद, कालू, बॉबी, सुरेश, कमल और विनय का कहना है कि मेले में सजने वाले प्लॉटों के आवंटन को लेकर भाजपा सरकार ने आधार और पैन कार्ड के माध्यम से दो प्लॉट खरीदने की सुविधा दी थी, लेकिन इसे दरकिनार कर ठेकेदारी प्रथा फिर से शुरू कर दी है। सभी व्यापारियों ने 5 लाख में सभी प्लॉट खरीदे थे, लेकिन स्थानीय ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए ये प्लॉट 3.50 लाख रुपये में बेचे गए। वहीं ठेकेदार व्यापारियों से एक प्लॉट का 40-40 हजार रुपये वसूलने की बात कह रहा है। व्यापारी यह रकम सीधा सरकार और प्रशासन को देने को तैयार है, लेकिन ठेकेदार को नहीं। उन्होंने प्लॉटों की नियमानुसार वसूली न होने पर रोष जताते हुए मेले में ठेकेदारों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है।
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वहीं इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय लवी मेला कमेटी अध्यक्ष एवं डीसी शिमला अमित कश्यप ने कहा कि प्रशासन की ओर से मेला मैदान में एक प्लॉट के दाम 16 हजार रुपये निर्धारित किए हैं। इससे अधिक कीमत पर प्लॉटों का आवंटन नहीं हो सकता। इस मामले में संलिप्त लोगों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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