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निशा को सौंपी यूनियन की कमान
Updated Mon, 23 Apr 2018 09:26 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
जिला किन्नौर मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन (संबधित सीटू) का पहला सम्मेलन टापरी में सोमवार को हुआ। सम्मेलन में सीटू के राज्य अध्यक्ष जगत राम बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए। सम्मेलन में 17 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन भी किया गया, जिसमें निशा को प्रधान चुना गया। प्रेम कुमारी को उप प्रधान, विरमा को महासचिव, प्रीति को सचिव और वीना को कोषाध्यक्ष चयनित किया। इसके अतिरिक्त रुकमणि, पिंकी, आरती, नरगू डोलमा, चरण देवी, पूनम, अर्जुन, फूल देवी, संजय कुमारी, छेरिंग नंद और छोड़न को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।
सीटू राज्य अध्यक्ष जगत राम ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने हमेशा मिड-डे मील वर्कर की मांगों की अनदेखी की है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2009 के बाद मिड-डे मील वर्कर्स के वेतन में एक रुपये तक की बढ़ोतरी नहीं की है। मोदी सरकार ने सत्ता में आने से पहले महिलाओं को सम्मान जनक वेतन देने का वायदा किया था। मोदी सरकार को सत्ता में आए चार वर्ष पूरे होने को है। लेकिन उनके वेतन में एक रुपये की भी बढ़ोतरी न कर उनका अपमान किया जा रहा है। यूनियन की जिला अध्यक्षा, महासचिव विरमा देवी सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से मिड-डे मील वर्कर्स को 6750 रुपये प्रतिमाह वेतन दिए जाने, 45 वें श्रम सम्मेलन की सिफारशों के अनुसार उन्हें स्थायी किए जाने, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी व पेंशन देने, स्कूलों में मिलने वाली सभी छुट्टियां का वेतन देने की मांग की है।
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रिकांगपिओ (किन्नौर)।
जिला किन्नौर मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन (संबधित सीटू) का पहला सम्मेलन टापरी में सोमवार को हुआ। सम्मेलन में सीटू के राज्य अध्यक्ष जगत राम बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए। सम्मेलन में 17 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन भी किया गया, जिसमें निशा को प्रधान चुना गया। प्रेम कुमारी को उप प्रधान, विरमा को महासचिव, प्रीति को सचिव और वीना को कोषाध्यक्ष चयनित किया। इसके अतिरिक्त रुकमणि, पिंकी, आरती, नरगू डोलमा, चरण देवी, पूनम, अर्जुन, फूल देवी, संजय कुमारी, छेरिंग नंद और छोड़न को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।
सीटू राज्य अध्यक्ष जगत राम ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने हमेशा मिड-डे मील वर्कर की मांगों की अनदेखी की है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2009 के बाद मिड-डे मील वर्कर्स के वेतन में एक रुपये तक की बढ़ोतरी नहीं की है। मोदी सरकार ने सत्ता में आने से पहले महिलाओं को सम्मान जनक वेतन देने का वायदा किया था। मोदी सरकार को सत्ता में आए चार वर्ष पूरे होने को है। लेकिन उनके वेतन में एक रुपये की भी बढ़ोतरी न कर उनका अपमान किया जा रहा है। यूनियन की जिला अध्यक्षा, महासचिव विरमा देवी सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से मिड-डे मील वर्कर्स को 6750 रुपये प्रतिमाह वेतन दिए जाने, 45 वें श्रम सम्मेलन की सिफारशों के अनुसार उन्हें स्थायी किए जाने, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी व पेंशन देने, स्कूलों में मिलने वाली सभी छुट्टियां का वेतन देने की मांग की है।
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