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नहीं मिल रहे मधुमक्खियों के बक्से
Updated Thu, 29 Mar 2018 07:41 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जुब्बल।
उद्यान विभाग के अणु फार्म में स्थापित मौन पालन केंद्र शोपीस बनकर रह गया है। फार्म से बागवानों को बगीचों में रखने के लिए किराये पर मधुमक्खियों के बक्से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। बार-बार चक्कर काटने के बाद भी उद्यान विभाग ने मौन के बक्से उपलब्ध नहीं करवाए।
उद्यान विभाग की ओर से बागवानों को हर साल मौन पालन केंद्र से मौन बक्सों को उपलब्ध करवाया जाता था। एक बक्से का बागवान एक हजार रुपये किराया चुकाते थे। इससे उद्यान विभाग के मौन पाल केंद्र को अच्छी आय भी होती थी। इस बार मौन पालन केंद्र अणु में एक भी मधुमक्खी का बक्सा उपलब्ध नहीं है। प्रदेश फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के उपाध्यक्ष भीम सिंह झौहटा, बागवान हीरा नंद शर्मा, बाबू राम, मटोलटा, प्रमोद सिंह, रायम सिंह ने बताया कि सरकार ने अणु मौन पालन केंद्र में एक उद्यान विकास अधिकारी व अन्य स्टाफ को तैनात कर रखा है। मौन पालन केंद्र के नाम पर यहां के बागवानों के साथ धोखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बागवानों को निजी मौन पालकों को मनमाना किराया देकर मधुमक्खियों की तलाश में भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अणु उद्यान विभाग के केंद्र में बागवानों को न तो मधुमक्खियां मिल रही और न ही बगीचों में स्प्रे के लिए पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं। उद्यान विभाग के मौन पालन एसएमएस ज्ञान वर्मा ने बताया कि अणु उद्यान विभाग के मौन पालन केंद्र को पिछले माह मौन बक्से की डिमांड भेजने के लिए कहा गया था। अणु से बागवानों की कोई मांग नहीं मिली। यहां पर कई दिनों से मधुमक्खियों के बक्से पडे़ रहने के बाद उनको मंडी के लिए स्थानांतरित करना पड़ा है। अब इसके बाद वहां के लिए मौन बक्से भेजना संभव नहीं है।
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जुब्बल।
उद्यान विभाग के अणु फार्म में स्थापित मौन पालन केंद्र शोपीस बनकर रह गया है। फार्म से बागवानों को बगीचों में रखने के लिए किराये पर मधुमक्खियों के बक्से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। बार-बार चक्कर काटने के बाद भी उद्यान विभाग ने मौन के बक्से उपलब्ध नहीं करवाए।
उद्यान विभाग की ओर से बागवानों को हर साल मौन पालन केंद्र से मौन बक्सों को उपलब्ध करवाया जाता था। एक बक्से का बागवान एक हजार रुपये किराया चुकाते थे। इससे उद्यान विभाग के मौन पाल केंद्र को अच्छी आय भी होती थी। इस बार मौन पालन केंद्र अणु में एक भी मधुमक्खी का बक्सा उपलब्ध नहीं है। प्रदेश फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के उपाध्यक्ष भीम सिंह झौहटा, बागवान हीरा नंद शर्मा, बाबू राम, मटोलटा, प्रमोद सिंह, रायम सिंह ने बताया कि सरकार ने अणु मौन पालन केंद्र में एक उद्यान विकास अधिकारी व अन्य स्टाफ को तैनात कर रखा है। मौन पालन केंद्र के नाम पर यहां के बागवानों के साथ धोखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बागवानों को निजी मौन पालकों को मनमाना किराया देकर मधुमक्खियों की तलाश में भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अणु उद्यान विभाग के केंद्र में बागवानों को न तो मधुमक्खियां मिल रही और न ही बगीचों में स्प्रे के लिए पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं। उद्यान विभाग के मौन पालन एसएमएस ज्ञान वर्मा ने बताया कि अणु उद्यान विभाग के मौन पालन केंद्र को पिछले माह मौन बक्से की डिमांड भेजने के लिए कहा गया था। अणु से बागवानों की कोई मांग नहीं मिली। यहां पर कई दिनों से मधुमक्खियों के बक्से पडे़ रहने के बाद उनको मंडी के लिए स्थानांतरित करना पड़ा है। अब इसके बाद वहां के लिए मौन बक्से भेजना संभव नहीं है।
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