{"_id":"5a6c90d64f1c1b9f268b6963","slug":"11517064406-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवता की अनुमति से तिरंगा फहराकर दी सलामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवता की अनुमति से तिरंगा फहराकर दी सलामी
Updated Sat, 27 Jan 2018 09:46 PM IST
विज्ञापन
समाराेह
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब गणतंत्र दिवस पर किसी देवता की अनुमति के बाद पूरे सम्मान से राष्ट्रगान और झंडे को सलामी दी गई। जनजातीय जिले के रिब्बा गांव में गणतंत्र दिवस पर देवता कासुराजस ने झंडे को सलामी दी।
रिब्बा पंचायत प्रधान प्रेम प्रकाश नेगी ने बताया कि गांव में पहले सुबह पूरी पंचायत, महिला मंडल और स्कूली छात्र हाथों में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर देवता कासुराजस के प्रांगण में गए। उसके बाद सभी ने देवता को मंदिर के प्रांगण में निकाल कर उनकी अनुमति से गणतंत्र दिवस की शुरुआत की। सबसे पहले ग्राम पंचायत प्रधान रिब्बा प्रेम प्रकाश नेगी ने राष्ट्रीय ध्वज को फहराया और सलामी दी। इसके बाद देवता कासुराजस ने भी तिरंगे झंडे को सलामी दी और सभी ग्रामीणों और बीडीसी मेंबर लामा जोमो ने भी खड़े होकर सम्मान स्वरूप राष्ट्रगान गाया। ग्राम पंचायत प्रधान ने पंचायत की उपलब्धियों के बारे में सबको जानकारी दी। इसके बाद रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महिला मंडल रिब्बा, स्कूली छात्रों और अन्य कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये सबका मनोरंजन किया। समारोह के अंत में गांव के सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और कार्यक्रमों पर प्रस्तुतियां देने वाले सभी दलों को सम्मानित किया गया। अंत में देवता कासुराजस ने पूरे सम्मान के साथ फिर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और मंदिर में विराजमान हो गए। इतिहास में पहली बार किन्नौर जिले में देवता कासुराजस ने इस प्रथा की शुरुआत करके राष्ट्रीयता का प्रख्यात प्रमाण दिया है।
विज्ञापन
रिब्बा पंचायत प्रधान प्रेम प्रकाश नेगी ने बताया कि गांव में पहले सुबह पूरी पंचायत, महिला मंडल और स्कूली छात्र हाथों में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर देवता कासुराजस के प्रांगण में गए। उसके बाद सभी ने देवता को मंदिर के प्रांगण में निकाल कर उनकी अनुमति से गणतंत्र दिवस की शुरुआत की। सबसे पहले ग्राम पंचायत प्रधान रिब्बा प्रेम प्रकाश नेगी ने राष्ट्रीय ध्वज को फहराया और सलामी दी। इसके बाद देवता कासुराजस ने भी तिरंगे झंडे को सलामी दी और सभी ग्रामीणों और बीडीसी मेंबर लामा जोमो ने भी खड़े होकर सम्मान स्वरूप राष्ट्रगान गाया। ग्राम पंचायत प्रधान ने पंचायत की उपलब्धियों के बारे में सबको जानकारी दी। इसके बाद रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महिला मंडल रिब्बा, स्कूली छात्रों और अन्य कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये सबका मनोरंजन किया। समारोह के अंत में गांव के सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और कार्यक्रमों पर प्रस्तुतियां देने वाले सभी दलों को सम्मानित किया गया। अंत में देवता कासुराजस ने पूरे सम्मान के साथ फिर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और मंदिर में विराजमान हो गए। इतिहास में पहली बार किन्नौर जिले में देवता कासुराजस ने इस प्रथा की शुरुआत करके राष्ट्रीयता का प्रख्यात प्रमाण दिया है।
विज्ञापन