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बिना डॉक्टर मरीज परेशानी झेलने को मजबूर
Updated Thu, 11 Jan 2018 07:09 PM IST
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रामपुर बुशहर। महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर में दिन प्रतिदिन स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा रही हैं। बीती कांग्रेस सरकार के शासन में जहां इस अस्पताल में दस डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े थे, वहीं अब भाजपा के सत्तासीन होने पर यहां तैनात एकमात्र रेडियोग्राफर का भी तबादला हो गया है। यहां आने वाले लोगों को स्टाफ के बिना परेशानी झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रदेश में सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे हवा हो रहे हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने में नाकाम साबित हो रहे। रामपुर के खनेरी अस्पताल में रोज शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले से सैकड़ों मरीज पहुंचते हैं। बीते कई वर्षों से यहां स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराई हुई है। अस्पताल में कुल 31 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 10 डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े हैं। अस्पताल में बीते एक वर्ष से नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त पड़ा है। ऐसे में यहां आंखों के उपचार को पहुंचने वाले मरीजों को आईजीएमसी शिमला या फिर चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है। अस्पताल में दो रेडियोग्राफर और सात पद एमबीबीएस के रिक्त पड़े हैं। 21 डॉक्टरों के होने के बावजूद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही। अस्पताल में 800 से 1000 लोगों की ओपीडी रहती है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन भी बार-बार दम तोड़ देती है। क्षेत्र के अमित कुमार, यशवंत शर्मा, राकेश चौहान, प्रकाश ठाकुर, यशपाल चौहान, कर्मा नेगी, प्रज्ञा दत्त, मनोज कुमार, महेंद्र खोजान, राजीव कुमार, राकेश, सत्यपाल, रोशन लाल आदि कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि नई सरकार के बनते खनेरी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा। लेकिन भाजपा के सत्ता में आते ही रही कसर पूरी हो गई है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द इस अस्पताल में रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
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प्रदेश में सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे हवा हो रहे हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने में नाकाम साबित हो रहे। रामपुर के खनेरी अस्पताल में रोज शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले से सैकड़ों मरीज पहुंचते हैं। बीते कई वर्षों से यहां स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराई हुई है। अस्पताल में कुल 31 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 10 डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े हैं। अस्पताल में बीते एक वर्ष से नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त पड़ा है। ऐसे में यहां आंखों के उपचार को पहुंचने वाले मरीजों को आईजीएमसी शिमला या फिर चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है। अस्पताल में दो रेडियोग्राफर और सात पद एमबीबीएस के रिक्त पड़े हैं। 21 डॉक्टरों के होने के बावजूद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही। अस्पताल में 800 से 1000 लोगों की ओपीडी रहती है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन भी बार-बार दम तोड़ देती है। क्षेत्र के अमित कुमार, यशवंत शर्मा, राकेश चौहान, प्रकाश ठाकुर, यशपाल चौहान, कर्मा नेगी, प्रज्ञा दत्त, मनोज कुमार, महेंद्र खोजान, राजीव कुमार, राकेश, सत्यपाल, रोशन लाल आदि कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि नई सरकार के बनते खनेरी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा। लेकिन भाजपा के सत्ता में आते ही रही कसर पूरी हो गई है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द इस अस्पताल में रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
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