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नोग वैली में सेब के बगीचों में पडने लगी पतझड़ रोग की मार
Updated Mon, 06 Aug 2018 10:04 PM IST
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सेब के बगीचे पतझड़ रोग की चपेट में
सेब के पौधों में बीमारी लगने से नोग वैली से बागवान परेशान
बागवानों को दी टिकर और डायथिन स्प्रे करने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
डंसा (रामपुर बुशहर)। सेब बाहुल क्षेत्रों में इन दिनों सेब के पौधों में पतझड़ रोग फैलने से बागवान काफी परेशान हैं। क्षेत्र में बीते दिनों हुई बारिशों के कारण कई इलाकों में इस रोग ने सेब के पेड़ों को अपनी चपेट में ले लिया है। इस बीमारी की चपेट में आने से सेब के पेड़ों के पत्ते भूरे और काले रंग के हो रहे हैं। संक्रमण की चपेट में आने के कारण सेब के दाने कमजोर पड़ने लग गए हैं।
रामपुर उपमंडल के अंतर्गत आने वाली नोग वैली और साथ लगते सेब बाहुल क्षेत्रों में अब सेब के पेड़ों में पतझड़ रोग ने दस्तक दे दी है। इस बीमारी के संक्रमण की चपेट आने से पेड़ों के पत्ते भूरे और काले रंग के होने लग जाते हैं। इस बीमारी के कारण पेड़ों में तैयार सेब की फसल के दाने भी कमजोर पड़ने लग गए हैं। यदि इस रोग ने पौधों को अधिकाधिक रूप से अपनी चपेट में ले लिया तो पेड़ों से सेब ड्रॉप होने की समस्या भी हो सकती है। बारिश के कारण होने वाले इस रोग की रोकथाम समय रहते की जानी आवश्यक है।
रामपुर के विभिन्न क्षेत्रों में बागवान अब सेब तुड़ान में जुट गए हैं। तुड़ान के तुरंत बाद इस बीमारी का इलाज करवाना नितांत आवश्यक है, नहीं तो पौधे पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। क्षेत्र के प्रगतिशील बागवान छतर सिंह, दिनेश कायथ, लायक राम, सूरज, बंसी लाल, सत्या खाची, फूला सिंह, गोवर्द्धन दास और खेल चंद नेगी सहित कई अन्य बागवानों के अनुसार क्षेत्र में सेब के पेड़ों को माई रोग ने चपेट में ले लिया है। उन्होंने बागवानी विभाग के विशेषज्ञों से गुहार लगाई है कि उक्त बीमारी के संक्रमण से छुटकारा दिलाने को जल्द जरूरी सलाह प्रदान करें और दवाइयां मुहैया करवाएं। इस संबंध में बागवानी विशेषज्ञ रणजीत ठाकुर ने बताया कि क्षेत्र में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश से सेब के पौधों में पतझड़ रोग फैलने की आशंका बनी है। उन्होंने बागवानों को टिक्कर और डायथिन स्प्रे का इस्तेमाल कर सेब के पेड़ों को बचाने की सलाह दी है।
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सेब के पौधों में बीमारी लगने से नोग वैली से बागवान परेशान
बागवानों को दी टिकर और डायथिन स्प्रे करने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
डंसा (रामपुर बुशहर)। सेब बाहुल क्षेत्रों में इन दिनों सेब के पौधों में पतझड़ रोग फैलने से बागवान काफी परेशान हैं। क्षेत्र में बीते दिनों हुई बारिशों के कारण कई इलाकों में इस रोग ने सेब के पेड़ों को अपनी चपेट में ले लिया है। इस बीमारी की चपेट में आने से सेब के पेड़ों के पत्ते भूरे और काले रंग के हो रहे हैं। संक्रमण की चपेट में आने के कारण सेब के दाने कमजोर पड़ने लग गए हैं।
रामपुर उपमंडल के अंतर्गत आने वाली नोग वैली और साथ लगते सेब बाहुल क्षेत्रों में अब सेब के पेड़ों में पतझड़ रोग ने दस्तक दे दी है। इस बीमारी के संक्रमण की चपेट आने से पेड़ों के पत्ते भूरे और काले रंग के होने लग जाते हैं। इस बीमारी के कारण पेड़ों में तैयार सेब की फसल के दाने भी कमजोर पड़ने लग गए हैं। यदि इस रोग ने पौधों को अधिकाधिक रूप से अपनी चपेट में ले लिया तो पेड़ों से सेब ड्रॉप होने की समस्या भी हो सकती है। बारिश के कारण होने वाले इस रोग की रोकथाम समय रहते की जानी आवश्यक है।
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रामपुर के विभिन्न क्षेत्रों में बागवान अब सेब तुड़ान में जुट गए हैं। तुड़ान के तुरंत बाद इस बीमारी का इलाज करवाना नितांत आवश्यक है, नहीं तो पौधे पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। क्षेत्र के प्रगतिशील बागवान छतर सिंह, दिनेश कायथ, लायक राम, सूरज, बंसी लाल, सत्या खाची, फूला सिंह, गोवर्द्धन दास और खेल चंद नेगी सहित कई अन्य बागवानों के अनुसार क्षेत्र में सेब के पेड़ों को माई रोग ने चपेट में ले लिया है। उन्होंने बागवानी विभाग के विशेषज्ञों से गुहार लगाई है कि उक्त बीमारी के संक्रमण से छुटकारा दिलाने को जल्द जरूरी सलाह प्रदान करें और दवाइयां मुहैया करवाएं। इस संबंध में बागवानी विशेषज्ञ रणजीत ठाकुर ने बताया कि क्षेत्र में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश से सेब के पौधों में पतझड़ रोग फैलने की आशंका बनी है। उन्होंने बागवानों को टिक्कर और डायथिन स्प्रे का इस्तेमाल कर सेब के पेड़ों को बचाने की सलाह दी है।
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