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किन्नौर में एसडीएम ने शुरू की डीबीटी योजना
Updated Thu, 01 Feb 2018 09:56 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
किन्नौर जिला के मुख्यालय रिकांगपिओ में वीरवार को उपमंडलाधिकारी डॉ. अवनिंद्र कुमार ने खादों पर मिलने वाली प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के लागू होने से खाद वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और किसान-बागवानों को इसका काफी लाभ मिलेगा। डॉ. अवनिंद्र कुमार ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले में खाद की वितरण प्रणाली और मौजूदा सिस्टम में पारदर्शिता लाना है। पूर्व में खाद की जो सब्सिडी खाद निर्माता कंपनी को दी जाती थी, अब वह रिटेलर द्वारा पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन के माध्यम से आधार एवं अन्य मानक पहचान पत्र के बायोमीट्रिक सत्यापन के फलस्वरूप संबंधित खाद निर्माता कंपनी को प्राप्त होगी। केवल वैध लाइसेंस होल्डर परचून खाद विक्रेता, सहकारी सभाओं और डिपो होल्डरों को पीओएस मशीन आवंटित की जाएगी। जिला किन्नौर में केवल पीओएस मशीन द्वारा ही खाद विक्रय की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि रिटेलर इस पीओएस मशीन से अपनी बिक्री एवं स्टॉक रिपोर्ट भी निकाल सकते हैं। इस सिस्टम के लागू होने के बाद समूचे जिले में खादों की उपलब्धता एवं जिलेवार ऑनलाइन निगरानी की जा सकती है।
जिला कृषि अधिकारी बलवीर सिंह ने बताया कि डीबीटी योजना से जिले के कृषि क्षेत्र में डिजिटल सेवा को बढ़ावा मिलेगा। उर्वरक में डीबीटी परियोजना पूर्णतय कंप्यूटरीकृत है और कृषि विभाग की मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को भी भविष्य में योजना से लिंक किया जाएगा।
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रिकांगपिओ (किन्नौर)।
किन्नौर जिला के मुख्यालय रिकांगपिओ में वीरवार को उपमंडलाधिकारी डॉ. अवनिंद्र कुमार ने खादों पर मिलने वाली प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के लागू होने से खाद वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और किसान-बागवानों को इसका काफी लाभ मिलेगा। डॉ. अवनिंद्र कुमार ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले में खाद की वितरण प्रणाली और मौजूदा सिस्टम में पारदर्शिता लाना है। पूर्व में खाद की जो सब्सिडी खाद निर्माता कंपनी को दी जाती थी, अब वह रिटेलर द्वारा पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन के माध्यम से आधार एवं अन्य मानक पहचान पत्र के बायोमीट्रिक सत्यापन के फलस्वरूप संबंधित खाद निर्माता कंपनी को प्राप्त होगी। केवल वैध लाइसेंस होल्डर परचून खाद विक्रेता, सहकारी सभाओं और डिपो होल्डरों को पीओएस मशीन आवंटित की जाएगी। जिला किन्नौर में केवल पीओएस मशीन द्वारा ही खाद विक्रय की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि रिटेलर इस पीओएस मशीन से अपनी बिक्री एवं स्टॉक रिपोर्ट भी निकाल सकते हैं। इस सिस्टम के लागू होने के बाद समूचे जिले में खादों की उपलब्धता एवं जिलेवार ऑनलाइन निगरानी की जा सकती है।
जिला कृषि अधिकारी बलवीर सिंह ने बताया कि डीबीटी योजना से जिले के कृषि क्षेत्र में डिजिटल सेवा को बढ़ावा मिलेगा। उर्वरक में डीबीटी परियोजना पूर्णतय कंप्यूटरीकृत है और कृषि विभाग की मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को भी भविष्य में योजना से लिंक किया जाएगा।
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