PM Vishwakarma Yojana: बढ़ई, बुनकर, मूर्तिकार समेत 18 श्रेणियों के अब ऑनलाइन खरीद सकेंगे उत्पाद
PM Vishwakarma Yojana: ई-व्यापार को बढ़ावा देने और आय में वृद्धि करने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकृत कारीगरों और शिल्पकारों को ऑनलाइन एप से जोड़ा जा रहा है। अब बढ़ई, बुनकर, मूर्तिकार समेत 18 श्रेणियों कारीगरों और शिल्पकारों के हाथ से निर्मित उत्पाद की खरीदारी अब ऑनलाइन की जा सकेगी।
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पीएम विश्वकर्मा योजना में बढ़ई, बुनकर, मूर्तिकार समेत 18 श्रेणियों कारीगरों और शिल्पकारों के हाथ से निर्मित उत्पाद की खरीदारी अब ऑनलाइन की जा सकेगी। ई-व्यापार को बढ़ावा देने और आय में वृद्धि करने के लिए योजना के तहत पंजीकृत कारीगरों और शिल्पकारों को ऑनलाइन एप से जोड़ा जा रहा है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय ए ऑनलाइन एप मीशो के साथ टाइअप किया है। मंत्रालय की ओर से योजना से जुड़े लाभार्थियों के रोजगार को बढ़ाने के लिए नई पहल की है।
खास बात यह है कि देश के किसी भी कोने में हस्तनिर्मित सामान को भेज सकेंगे। पीएम विश्वकर्मा योजना में बढ़ई, नाव निर्माता, अस्त्रकार, लोहार, हथोड़ा और टूल किट बनाने वाले, मरम्मतकार, मूर्तिकार, सुनार, कुम्हार, मिस्त्री, टोकरी, चटाई, क्वॉचर बुनकर, झाडू बनाने वाले, गुड़िया और खिलौने बनाने वाले, बार्बर, माली, वाशरमैन, टेलर, मछली का जाल बुनने वाले योजना में शामिल हैं। इसी एप पर सभी को जोड़ा जा रहा है ताकि वे अपना सामान ऑनलाइन लोगों के घरद्वार तक पहुंचा सकें।
पहले चरण में ऑनलाइन व्यापार से 100 कारीगरों और शिल्पकारों को जोड़ा गया है, जबकि अन्य को जोड़ने की कवायद चली है। आगामी दिनों में सभी कारीगरों और शिल्पकारों को ऑनलाइन प्लेटफार्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। ऑनलाइन सामान बिक्री से न केवल लाभार्थियों को फायदा मिलेगा वहीं लोगों को भी हाथ से निर्मित सामान घरद्वार पर बिना किसी चिंता के मिल जाएंगे। वर्तमान में योजना से जुड़े लाभार्थी बाजार में ही सामान बेचकर आय अर्जित कर सकते थे।
प्रदेशभर में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत अभी तक 19,700 लोगों का चयन किया गया है। ये स्वरोजगार शुरू करेंगे। इसके लिए विभाग ने पात्र लोगों का चयन कर लिया है। तीन स्तरीय जांच के बाद व्यक्ति को पात्रता दी गई है। स्वरोजगार की शुरुआत के लिए एक लाख रुपये तक की सहायता दी है। उद्यम को शुरू करने के लिए राष्ट्रीय विपणन समिति तक सहायता कर रही है। इसी के साथ गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग जैसी सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
18 श्रेणियों के लाभार्थियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए प्रशिक्षित भी किया है। इस दौरान एप में पंजीकरण के साथ-साथ कई बातों को मौके पर स्पष्ट किया है। साथ ही सामान की कैटलॉग बनाने, उत्पाद का प्रस्तुतीकरण, स्टॉक अपडेट, पैकेज और भुगतान सिस्टम को भी लाभार्थियों को समझाया जा चुका है। इसके बाद से ऑनलाइन व्यापार के रुझान में वृद्धि भी हुई है।