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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Outrage over paper leaks and corruption; former IAS officers and educationists on hunger strike.

Solan: पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ उबाल, पूर्व आईएएस व शिक्षाविदों की भूख हड़ताल

Fri, 17 Jul 2026 08:34 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 17 Jul 2026 08:34 PM IST
सार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद व वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के आंदोलन को समर्थन देते हुए सोलन के चिल्ड्रन पार्क में युवाओं, महिलाओं, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल और सांकेतिक धरना दिया।

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Outrage over paper leaks and corruption; former IAS officers and educationists on hunger strike.
सोलन में अनशन पर बैठे लोग। - फोटो : संवाद

विस्तार

देश की परीक्षा प्रणाली में बार-बार लग रहे पेपर लीक के दाग और युवाओं के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ के विरोध में सोलन शहर में जनआक्रोश फूट पड़ा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद व वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के आंदोलन को समर्थन देते हुए सोलन के चिल्ड्रन पार्क में युवाओं, महिलाओं, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल और सांकेतिक धरना दिया। यह आयोजन जागरूक युवा संगठन और जागरूक नागरिक मंच सहित क्षेत्र के कई सामाजिक व जन संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

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इस व्यवस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें मुख्य रूप से शामिल रहे शरभ नेगी (पूर्व आईएएस), मनोज वर्मा (अधिवक्ता), विकास ठाकुर, नीतीश ठाकुर, अनिल ठाकुर, किरण किशोर, विजय भट्टी और धर्मपाल ठाकुर शामिल रहे। इस दौरान पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और गुजरात विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रो. सीपी भसीन ने देश की मौजूदा परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा देश के करोड़ों होनहार और मेहनती युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया है। बार-बार परीक्षा रद्द होना और पेपर लीक होना अब एक मानसिक महामारी का रूप ले चुका है, जिसे तुरंत रोका जाना अनिवार्य है। 20 जुलाई को सोलन में महा प्रदर्शन का शंखनाद का भी बड़ा निर्णय लिया गया है।
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सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव की मुख्य मांगें
सभी संगठनों ने एकजुट होकर एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें सोनम वांगचुक के अनशन को तुरंत न्याय मिले, केंद्र सरकार बिना किसी देरी के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों को सुने और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह दोषमुक्त बनाए। पेपर लीक माफिया, भ्रष्ट अधिकारियों और इस रैकेट में शामिल सभी दोषियों को पहचान कर उनके खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से ऐसी सख्त व दंडात्मक कार्रवाई की जाए ।

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