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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Northern Zonal Council Meeting: Himachal raises issue of share in BBMB and rights in Chandigarh.

उत्तरी क्षेत्रीय परिषद बैठक: हिमाचल ने बीबीएमबी में हिस्सेदारी, चंडीगढ़ में अधिकार का उठाया मामला

Sat, 20 Jun 2026 09:52 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 20 Jun 2026 09:52 AM IST
सार

 उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (एनजेडसी) की स्थायी समिति की 22वीं बैठक में अपने लंबे समय से लंबित और महत्वपूर्ण हितों को मजबूती से उठाते हुए अंतरराज्यीय मुद्दों के समाधान की दिशा में ठोस पहल की। 

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Northern Zonal Council Meeting: Himachal raises issue of share in BBMB and rights in Chandigarh.
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद बैठक। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश ने उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (एनजेडसी) की स्थायी समिति की 22वीं बैठक में अपने लंबे समय से लंबित और महत्वपूर्ण हितों को मजबूती से उठाते हुए अंतरराज्यीय मुद्दों के समाधान की दिशा में ठोस पहल की। शुक्रवार को राजधानी शिमला में आयोजित बैठक में जल संसाधनों की साझेदारी, खाद्य सुरक्षा, नशा तस्करी, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव केके पंत ने की। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत के राज्यों के सामने अनेक साझा चुनौतियां हैं, जिनका समाधान आपसी सहयोग, समन्वय और अनुभवों के आदान-प्रदान से ही संभव है।

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उन्होंने जल संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग, साइबर अपराधों पर नियंत्रण और शहरी आवास जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए राज्यों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में हिमाचल प्रदेश ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में राज्य से पूर्णकालिक सदस्य की नियुक्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। हिमाचल ने स्पष्ट किया कि भाखड़ा और ब्यास परियोजनाओं का बड़ा हिस्सा राज्य की भौगोलिक सीमाओं में स्थित होने के बावजूद निर्णय प्रक्रिया में उसकी भागीदारी अपेक्षित स्तर की नहीं है। ऐसे में राज्य के हितों की प्रभावी पैरवी और संरक्षण के लिए पूर्णकालिक प्रतिनिधित्व आवश्यक है।

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हिमाचल सरकार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-52 में प्रस्तावित हिमाचल सदन के निर्माण के लिए भूमि आवंटन का मामला भी बैठक में उठाया। साथ ही संयुक्त पंजाब के उत्तराधिकारी राज्य के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के अनुरूप चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की वैधानिक हिस्सेदारी का विषय भी प्रमुखता से रखा गया। बैठक में बताया गया कि शिमला में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की पूर्ण क्षेत्रीय इकाई अब क्रियाशील हो चुकी है। इसे हिमालयी राज्यों में बढ़ती मादक पदार्थ तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत होगा तथा अंतरराज्यीय एवं सीमापार नशा नेटवर्क पर प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी।

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बैठक के दौरान परिषद के सदस्य राज्यों द्वारा अपनाई जा रही उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों पर प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनमें हिमाचल प्रदेश की ओर से तीन प्रस्तुतियां शामिल थीं। बैठक में पंजाब के मुख्य सचिव के एपी सिन्हा, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, दिल्ली के अतिरिक्त मुख्य सचिव नवीन कुमार चौधरी, जम्मू-कश्मीर की आयुक्त-सह-सचिव आर एलिस वाज, लद्दाख के आयुक्त-सह-सचिव डॉ. लालटिंकुमा फ्रैंकलिन, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव आशीष श्रीवास्तव, सलाहकार एवं अतिरिक्त सचिव मनीष भारद्वाज तथा केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के मुख्य वन संरक्षक सौरभ कुमार उपस्थित रहे। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक में सहभागिता की।

66 एजेंडा बिंदुओं पर हुआ मंथन

 बैठक में विभिन्न राज्यों से जुड़े कुल 66 एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें नदी जल विवाद, जल हिस्सेदारी, खाद्य सुरक्षा, महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और आपदा प्रबंधन जैसे विषय प्रमुख रहे। राज्यों ने इन मुद्दों के समाधान के लिए व्यावहारिक और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर सहमति जताई।

हिमाचल की उत्कृष्ट पहलों की भी हुई सराहना

 बैठक के समापन पर सदस्य राज्यों द्वारा अपनाई जा रही उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों पर प्रस्तुतियां दी गईं। हिमाचल प्रदेश ने भी अपनी तीन नवाचार आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे सुधारों और उपलब्धियों को साझा किया, जिन्हें अन्य राज्यों ने भी रुचि के साथ देखा।

सहयोग और संवाद से निकलेगा समाधान : पंत

मुख्य सचिव केके पंत ने कहा कि उत्तरी क्षेत्रीय परिषद राज्यों के बीच संवाद, सहयोग और विवादों के समाधान का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस बैठक में हुई चर्चा से कई लंबित मामलों के समाधान का रास्ता प्रशस्त होगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

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