Shimla: एचपीयू के 215 कॉलेजों में एनईपी लागू, 1.3 लाख नए विद्यार्थी करेंगे प्रवेश
प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के परिणाम घोषित हो गए हैं। इसके बाद प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया तेज हो गई है।
विस्तार
सीबीएसई और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के परिणाम घोषित हो गए हैं। इसके बाद प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया तेज हो गई है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध 215 कॉलेजों में इस शैक्षणिक सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पूरी तरह लागू हो गई है। सभी कॉलेज अब सेमेस्टर प्रणाली पर संचालित होंगे। लगभग 29 कॉलेजों में चार वर्षीय ऑनर्स विद रिसर्च ट्रैक शुरू करने की तैयारी है। उच्च शिक्षा निदेशालय इन कॉलेजों की अंतिम सूची तय करेगा। इस वर्ष एचपीयू प्रणाली के अंतर्गत करीब 1.3 लाख विद्यार्थियों का नया प्रवेश होगा। यह सभी प्रवेश स्नातक स्तर पर सरकारी और निजी कॉलेजों में होंगे। यह पहला मौका है जब पूरा स्नातक बैच सीधे एनईपी संरचना में प्रवेश ले रहा है। नई व्यवस्था से अकादमिक कैलेंडर और मूल्यांकन पैटर्न में बदलाव आएगा। क्रेडिट आधारित प्रणाली से विषयों का संयोजन अधिक लचीला हो गया है। विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों के चयन का अवसर मिलेगा। ऑनलाइन आवेदन की रफ्तार बढ़ी है।
प्रमुख पाठ्यक्रमों में प्रवेश
बीए और बीएससी संकाय में इस बार 75 हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश होगा। इन विषयों में सामान्य और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से सबसे अधिक आवेदन आ रहे हैं। बीकॉम, बीसीए और अन्य कंप्यूटर आधारित पाठ्यक्रमों में 20 हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश होंगे। रोजगार और डिजिटल कौशल के कारण इन कोर्सों की ओर विद्यार्थियों का झुकाव बढ़ा है। बीएड में करीब 8 हजार सीटों पर प्रवेश का अनुमान है। लॉ, नर्सिंग और एमबीए जैसे अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में 4-4 हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश संभावित हैं। इस साल से पीजी और पीएचडी में भी एनईपी के तहत ही प्रवेश होंगे।
नई शिक्षा नीति की चुनौतियां
नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद कॉलेजों के सामने पाठ्यक्रम प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। क्रेडिट संरचना को लागू करना भी महत्वपूर्ण है। प्रत्येक सेमेस्टर में विषयों का संयोजन और मूल्यांकन पैटर्न पहले से अलग होगा। इससे शिक्षण व्यवस्था अधिक गतिशील हो गई है। विद्यार्थियों को अब बहु-विषयक दक्षता विकसित करनी होगी। कॉलेज शिक्षा का स्वरूप धीरे-धीरे अधिक लचीला और कौशल आधारित हो रहा है।