{"_id":"6894a970733437b6e7018c22","slug":"mp-anurag-singh-thakur-said-there-are-many-irregularities-in-nhm-government-should-clarify-the-situation-2025-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: सांसद अनुराग सिंह ठाकुर बोले- एनएचएम में कई अनियमितताएं, सरकार स्पष्ट करे स्थिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: सांसद अनुराग सिंह ठाकुर बोले- एनएचएम में कई अनियमितताएं, सरकार स्पष्ट करे स्थिति
Thu, 07 Aug 2025 06:56 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 07 Aug 2025 06:56 PM IST
सार
लोकसभा में अनुराग पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सवाल उठाया कि राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निधियों का एक चिंताजनक कुप्रबंधन हाल ही में प्रकाश में आया है।
विज्ञापन
पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर (फाइल फोटो)।
- फोटो : संसद टीवी
विस्तार
पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने वीरवार को संसद में नियम 377 के तहत मामला उठाते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) निधियों के कुप्रबंधन का मामला उठाया।
विज्ञापन
लोकसभा में अनुराग ने सवाल उठाया कि राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निधियों का एक चिंताजनक कुप्रबंधन हाल ही में प्रकाश में आया है। हिमाचल उच्च न्यायालय ने 2024-25 के लिए आवंटित 521 करोड़ रुपये के उपयोग में गंभीर अनियमितताओं की ओर भी इशारा किया है। हिमाचल सरकार का हलफनामा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार के स्तर तक का भी नहीं था। यह कोई अकेली घटना नहीं है, हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की भारी कमी है, जहां बड़े पैमाने पर तबादलों और केवल 11 नई नियुक्तियों के बावजूद 43 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा अधिकारी ही नहीं हैं।
विज्ञापन
कहा कि अप्रैल 2025 में 400 करोड़ रुपये का आयुष्मान-हिमकेयर घोटाला भी उजागर हुआ। इसमें फर्जी दावे और डाटा चोरी शामिल थी। ये सभी राज्य सरकार की अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। केंद्रीय निधियों के इस खुलेआम दुरुपयोग के माध्यम से जनता के विश्वास के इस उल्लंघन और जीवन को खतरे में डालने की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह प्रदेश में सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं और केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं का विस्तृत ऑडिट कराए।
विज्ञापन