{"_id":"618e9efd7d87753a314d9cfe","slug":"x-ray-facility-now-stalled-in-jogindernagar-hospital-mandi-news-sml3900491157","type":"story","status":"publish","title_hn":"जोगिंद्रनगर अस्पताल में अब एक्सरे सुविधा ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जोगिंद्रनगर अस्पताल में अब एक्सरे सुविधा ठप
विज्ञापन
जोगिंद्रनगर अस्पताल में एक्सरे सुविधा से महरूम मरीज अपने तीमारदार के साथ।
- फोटो : Mandi
जोगिंद्रनगर (मंडी)। सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में अल्ट्रासाउंड, ईसीजी सेवाओं के बाद अब डिजिटल एक्सरे सुविधा भी ठप हो गई है। एक्सरे के इस्तेमाल में लाई जाने वाली डिजिटल फिल्म खत्म हो गई। इससे शुक्रवार दोपहर बाद अचानक डिजिटल एक्सरे सेवाएं ठप हो गईं।
एक दर्जन से अधिक मरीजों को बिना एक्सरे किए ही लौटना पड़ा। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में रोजाना 60 से 70 डिजिटल एक्सरे होते हैं। शुक्रवार दोपहर एक बजे तक करीब 15 से 20 एक्सरे ही हो पाए।
कुछ मरीजों के एक्सरे को कंप्यूटर स्क्रीन पर ही दिखाकर औपचारिकता पूरी की गई। एक्सरे सेवाओं के ठप पड़ने से मरीजों को निजी एक्सरे सेंटर में जाना पड़ सकता है। यहां दो सौ से ढाई सौ रुपये में एक्सरे होते हैं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और ईसीजी सुविधा पहले से ही ठप पड़ी है।
विज्ञापन
प्रदेशभर में डिजिटल एक्सरे की नि:शुल्क सेवाएं शुरू होने के बाद एक्सरे में इजाफा हुआ है। अस्पताल में एक हफ्ते में करीब 500 एक्सरे होते हैं। डिजिटल एक्सरे के लिए पुणे से डिजिटल एक्सरे फिल्म की खेप धर्मशाला स्थित भंडारण स्थल पर पहुंचती है। यहां से मंडी जिले के अस्पतालों में आपूर्ति होती है। सप्ताह पहले एक्सरे फिल्म की आपूर्ति की मांग करने के बाद भी अस्पताल में डिजिटल एक्सरे फिल्म नहीं पहुंच पाई है। अस्पताल के रेडियोग्राफर सुनील कुमार ने बताया कि डिजिटल एक्सरे फिल्म समाप्त हो जाने से शुक्रवार दोपहर बाद डिजिटल एक्सरे नहीं हो पाए। फिल्म पहुंचने के बाद ही अस्पताल में डिजिटल एक्सरे शुरू हो पाएंगे।
विज्ञापन
एक दर्जन से अधिक मरीजों को बिना एक्सरे किए ही लौटना पड़ा। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में रोजाना 60 से 70 डिजिटल एक्सरे होते हैं। शुक्रवार दोपहर एक बजे तक करीब 15 से 20 एक्सरे ही हो पाए।
विज्ञापन
कुछ मरीजों के एक्सरे को कंप्यूटर स्क्रीन पर ही दिखाकर औपचारिकता पूरी की गई। एक्सरे सेवाओं के ठप पड़ने से मरीजों को निजी एक्सरे सेंटर में जाना पड़ सकता है। यहां दो सौ से ढाई सौ रुपये में एक्सरे होते हैं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और ईसीजी सुविधा पहले से ही ठप पड़ी है।
विज्ञापन
प्रदेशभर में डिजिटल एक्सरे की नि:शुल्क सेवाएं शुरू होने के बाद एक्सरे में इजाफा हुआ है। अस्पताल में एक हफ्ते में करीब 500 एक्सरे होते हैं। डिजिटल एक्सरे के लिए पुणे से डिजिटल एक्सरे फिल्म की खेप धर्मशाला स्थित भंडारण स्थल पर पहुंचती है। यहां से मंडी जिले के अस्पतालों में आपूर्ति होती है। सप्ताह पहले एक्सरे फिल्म की आपूर्ति की मांग करने के बाद भी अस्पताल में डिजिटल एक्सरे फिल्म नहीं पहुंच पाई है। अस्पताल के रेडियोग्राफर सुनील कुमार ने बताया कि डिजिटल एक्सरे फिल्म समाप्त हो जाने से शुक्रवार दोपहर बाद डिजिटल एक्सरे नहीं हो पाए। फिल्म पहुंचने के बाद ही अस्पताल में डिजिटल एक्सरे शुरू हो पाएंगे।