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Mandi News: पति को आत्महत्या के लिए विवश करने पर महिला और उसके प्रेमी को कारावास
Sat, 03 Aug 2024 07:00 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 03 Aug 2024 07:00 AM IST
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मंडी। अदालत ने एक सनसनीखेज मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को अपने पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का दोषी पाया है और उन्हें तीन-तीन साल की कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने भादंस की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए मजबूर करने का अभियोग साबित होने पर यह सजा सुनाई है।
यह मामला 5 जनवरी 2015 का है। जब ढाबण गांव निवासी जय राम ने बल्ह पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी। जय राम ने बताया कि घटना वाले दिन जब वह घर पर मौजूद था, तो उसने घर के बाहर काफी शोर सुना। जब वह अपने भाई हरी सिंह के घर पहुंचा, तो उसने देखा कि उसका भाई गैलरी में लेटा हुआ था। मौके पर मौजूद मामा ने बताया कि हरी सिंह गैलरी की छत में लगी कुंडी से रस्सी के साथ लटका हुआ था और उसे रस्सी काटकर उतारा गया था।
हरी सिंह को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में किशोरी लाल को हरी सिंह की जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें काली स्याही से आरोपियों अंजू और गुरप्रीत को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया गया था। रत्ती अस्पताल में चिकित्सकों ने हरी सिंह को मृत घोषित कर दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी अंजू पत्नी हरी सिंह और गुरप्रीत सिंह पुत्र बक्शीश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया।
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पुलिस ने मामले की छानबीन और तहकीकात पूरी करने के बाद आरोपियों पर अदालत में अभियोग चलाया। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 33 गवाहों के बयान दर्ज कराए। जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले की पैरवी की। सत्र न्यायाधीश ने भादंस की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए मजबूर करने का अपराध साबित होने पर अंजू और गुरप्रीत को तीन-तीन साल की कारावास और पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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यह मामला 5 जनवरी 2015 का है। जब ढाबण गांव निवासी जय राम ने बल्ह पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी। जय राम ने बताया कि घटना वाले दिन जब वह घर पर मौजूद था, तो उसने घर के बाहर काफी शोर सुना। जब वह अपने भाई हरी सिंह के घर पहुंचा, तो उसने देखा कि उसका भाई गैलरी में लेटा हुआ था। मौके पर मौजूद मामा ने बताया कि हरी सिंह गैलरी की छत में लगी कुंडी से रस्सी के साथ लटका हुआ था और उसे रस्सी काटकर उतारा गया था।
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हरी सिंह को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में किशोरी लाल को हरी सिंह की जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें काली स्याही से आरोपियों अंजू और गुरप्रीत को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया गया था। रत्ती अस्पताल में चिकित्सकों ने हरी सिंह को मृत घोषित कर दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी अंजू पत्नी हरी सिंह और गुरप्रीत सिंह पुत्र बक्शीश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया।
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पुलिस ने मामले की छानबीन और तहकीकात पूरी करने के बाद आरोपियों पर अदालत में अभियोग चलाया। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 33 गवाहों के बयान दर्ज कराए। जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले की पैरवी की। सत्र न्यायाधीश ने भादंस की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए मजबूर करने का अपराध साबित होने पर अंजू और गुरप्रीत को तीन-तीन साल की कारावास और पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।