फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   Wire span in Bhatkidhar, theft investigation started, vicious people left it

Mandi News: भाटकीधार में तार स्पैन हुआ चोरी जांच शुरू हुई तो छोड़ गए शातिर

Sun, 10 Nov 2024 12:00 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2024 12:00 AM IST
विज्ञापन
Wire span in Bhatkidhar, theft investigation started, vicious people left it
भाटकीधार में फेंकी गई तार स्पैन की बायर
थुनाग (मंडी)। विकास खंड सराज की भाटकीधार पंचायत में 1200 मीटर तार स्पैन की वायर चोरी होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शातिरों ने तार स्पैन को ही उखाड़ दिया। जब मामला उछला तो तार स्पैन को चार महीने बाद उसी स्थान पर छोड़ दिया।
विज्ञापन

10 वर्ष पहले तार स्पैन को लगाने में सरकारी धन का इस्तेमाल हुआ था। तार स्पैन चोरी होने की जानकारी होने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज न करवाने से पूरे प्रकरण में पंचायत की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। अगस्त में थ्रापड़ गांव के कुलदीप ने पंचायत प्रधान को एक शिकायत पत्र सौंपा था। इसमें उसने 4 अगस्त को पांच लोगों को तार स्पैन खोलते हुए देखने की बात कही थी। शिकायत पर पंचायत प्रधान ने शावा की वार्ड पंच के साथ मौके का मुआयना किया था। मौके पर उस समय तार स्पैन नहीं था।
विज्ञापन

प्रधान ने रिपोर्ट बनाकर उसकी प्रति शिकायतकर्ता को दी। पंचायत ने अपनी ओर से कोई शिकायत पुलिस को नहीं दी और न ही अपने स्तर पर कोई जांच की। शिकायतकर्ता ने 1100 नंबर पर शिकायत की। शिकायतपत्र की सत्यता जांचने के लिए पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही शातिरों ने तार स्पैन की वायर को गुपचुप तरीके से मौके पर छोड़ दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिकायतकर्ता कुलदीप सिंह ने बताया कि अगर पंचायत ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो ग्रामीण कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। वहीं, ग्रामीण दया राम, टोली राम, गौरी प्रसाद और कौल सिंह आदि ने बताया कि तार स्पैन होने से लोग सामान को आसानी से ले जाते थे। अब सामान के साथ गाड़ी में आठ किलोमीटर घूम कर आना पड़ता है और 1500 से दो हजार रुपये तक किराया देना पड़ रहा है।

भाटकीधार पंचायत की प्रधान लीला देवी ने माना कि उनके पास तार स्पैन चोरी होने की शिकायत आई थी। मौके का अवलोकन भी किया था और रिपोर्ट बनाई थी लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं करवाई।

...
मामला सार्वजनिक संपत्ति से जुड़ा है। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, क्षतिग्रस्त करना और चोरी करना गंभीर अपराध है। पंचायत को इस संबंध उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रियंका, बीडीओ सराज
000
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed