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कार्य और वेतन एक समान, नियमितीकरण की नीति अलग
मंडी
Updated Tue, 13 Dec 2016 10:44 PM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। राज्यस्तरीय जलवाहक कम सेवादार संघर्ष समिति शिक्षा विभाग के प्रधान भीम सिंह ठाकुर ने सरकार से सवाल किया है कि एक समान कार्य और एक समान वेतन लेने वालों के लिए नियमितीकरण की नीति अलग क्यों है। इससे स्पष्ट है कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। मंत्रिमंडल में जो निर्णय लिए गए हैं वह सरकारी पदोन्नति नियमानुसार नहीं हैं।
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अंशकालीन से दैनिक वेतनभोगी बनने के लिए वह चाहे 1996 की नीति के तहत लगा हो या फिर अंशकालीन जलवाहक नीति 2001 के तहत लगा हो, उसे आठ वर्ष की सेवा के बाद दैनिक वेतनभोगी बनाया जाता है। जबकि नियमितीकरण के लिए अलग-अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से 12-8-1996 को मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि जो जलवाहक 1996 की नीति के तहत लगे हैं और जिनकी कुल सेवा 17 वर्ष हो गई है, उन्हें नियमित किया जाएगा। इसके बाद इस निर्णय को बदलकर 27-9-2001 से पहले लगे होने की शर्त लगा दी। बाद में सरकार पुन: इस मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में ले गई। 28 नवंबर 2016 को फिर इस मामले पर निर्णय हुआ कि जो जलवाहक 1996 की नीति के तहत लगे हैं उन्हें नियमित किया जाएगा।
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जितनी बार भी मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया जाता था, वह त्रुटिपूर्ण होता था और अंशकालीन से दैनिक वेतनभोगी बने व्यक्ति के खिलाफ होता है। उन्होंने शिक्षा सचिव से मांग की है कि इस मामले को आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में अवलोकन करके और 14 साल के सेवा काल पूर्ण करने वालों को नियमित किया जाए। समिति के सदस्य सतीश कुमार, सुनील, चेत राम, देशराज, डिनू राम, खेम सिंह, जितेंद्र, नरेश, बृज लाल, ज्योति, चेत राम, संसार चंद, किशन, दीप राम ने सरकार के निर्णय का विरोध किया है।
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शिक्षकों के प्रदेशस्तरीय सम्मेलन में शिरकत करेंगे सीएम वीरभद्र
मंडी। राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन का शुभारंभ उपायुक्त कांगड़ा चंद्र प्रकाश वर्मा करेंगे। जिला कांगड़ा के ज्वालामुखी में 17 और 18 दिसंबर को इस महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। संघ के प्रदेश महासचिव एवं जिला मंडी के अध्यक्ष नरेश महाजन ने कहा कि सम्मेलन के समापन पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शिरकत करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री को अध्यापकों की मांगों से अवगत करवाया जाएगा और मांगें पूरी करने की मांग की जाएगी। उन्होंने प्रदेश भर के अध्यापक संघ के पदाधिकारियों से आग्रह किया है कि इस महासम्मेलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।