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Mandi News: ग्रामीणों ने दिखाई मिसाल, खुद बना रहे क्षतिग्रस्त सड़क
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हटौंण से भावश, बॉन्स, मूथल रोड पर टूटी सडक में डंगा लगाने का कार्य करते ग्रामीण। स्त्रोत- जागरू
पंडोह (मंडी)। बरसात से हुए नुकसान के बाद बहाली कार्य के लिए हर कोई शासन और प्रशासन से उम्मीद लगाए हुए हैं। इसी बीच देवरी पंचायत के हटौण, भावश, बॉन्स, मूथल गांव के ग्रामीणों ने खुद आगे आकर एक मिसाल पेश की है। लगभग 7 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क की मरम्मत का बीड़ा ग्रामीणों ने खुद उठाया है।
करीब 15 दिन पहले भारी बारिश के चलते सड़क का लगभग 40 मीटर हिस्सा पूरी तरह से टूट गया था। इससे इन गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया। अब ग्रामीण लगभग 10 दिन से खुद फावड़ा, कुदाल लेकर सड़क खोलने और टूटी सड़क का डंगा लगाने में जुटे हैं।
स्थानीय ग्रामीण भूप सिंह, हेम राज, योग राज, गोपाल ठाकुर लीला मणी, रणबीर, चूड़ा मणी, राजकुमार, तीर्थ राज, और हेम राज ने बताया कि पीडब्ल्यूडी को कई बार सूचित करने के बावजूद न तो कोई अधिकारी मौके पर आया और न ही कोई मरम्मत कार्य शुरू किया गया। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती।
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ग्रामीण मरीजों को कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाने को मजबूर हैं। खेतों में तैयार सब्जियां समय पर बाजार नहीं पहुंच पाने के कारण सड़ रही हैं। ऐसे में खुद ही जिम्मेदारी लेते हुए काम को आगे आए। ग्रामीणों ने की मांग है कि सड़क की तत्काल मरम्मत करवाई जाए। सड़क को स्थायी रूप से पक्का किया जाए। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस सुविधा बहाल की जाए।
इस बारे लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता प्रवीण तलवार ने बताया कि दयोड़ से लेकर हटौण और भावस तक सड़क काफी धंस रही है। इसे ठीक करने और खोलने का कार्य जारी है। इस बरसात में काफी जगह सड़कें टूट गई हैं, जिस कारण थोड़ा समय लग रहा है। इस मार्ग पर भी शुक्रवार से मशीनें लगा दी गई है। क्षतिग्रस्त सड़क पर सुरक्षा दीवार लगाने के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। जल्द ही मार्ग बहाल किया जाएगा।
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करीब 15 दिन पहले भारी बारिश के चलते सड़क का लगभग 40 मीटर हिस्सा पूरी तरह से टूट गया था। इससे इन गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया। अब ग्रामीण लगभग 10 दिन से खुद फावड़ा, कुदाल लेकर सड़क खोलने और टूटी सड़क का डंगा लगाने में जुटे हैं।
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स्थानीय ग्रामीण भूप सिंह, हेम राज, योग राज, गोपाल ठाकुर लीला मणी, रणबीर, चूड़ा मणी, राजकुमार, तीर्थ राज, और हेम राज ने बताया कि पीडब्ल्यूडी को कई बार सूचित करने के बावजूद न तो कोई अधिकारी मौके पर आया और न ही कोई मरम्मत कार्य शुरू किया गया। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती।
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ग्रामीण मरीजों को कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाने को मजबूर हैं। खेतों में तैयार सब्जियां समय पर बाजार नहीं पहुंच पाने के कारण सड़ रही हैं। ऐसे में खुद ही जिम्मेदारी लेते हुए काम को आगे आए। ग्रामीणों ने की मांग है कि सड़क की तत्काल मरम्मत करवाई जाए। सड़क को स्थायी रूप से पक्का किया जाए। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस सुविधा बहाल की जाए।
इस बारे लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता प्रवीण तलवार ने बताया कि दयोड़ से लेकर हटौण और भावस तक सड़क काफी धंस रही है। इसे ठीक करने और खोलने का कार्य जारी है। इस बरसात में काफी जगह सड़कें टूट गई हैं, जिस कारण थोड़ा समय लग रहा है। इस मार्ग पर भी शुक्रवार से मशीनें लगा दी गई है। क्षतिग्रस्त सड़क पर सुरक्षा दीवार लगाने के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। जल्द ही मार्ग बहाल किया जाएगा।