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Mandi News: उत्तराखंड के अधिकारियों ने जानीं पहाड़ में टनल और फोरलेन निर्माण में चुनौतियां
Thu, 04 Dec 2025 05:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 04 Dec 2025 05:46 AM IST
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मंडी। उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग के सचिव व उच्च अधिकारियों ने पहाड़ी राज्य में टनल व फोरलेन निर्माण में चुनौतियां जानीं। इसी के साथ आपदा में फोरलेन को नदी किनारे में हुए नुकसान के बाद डिजाइन समेत अन्य भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से जानकारी ली है।
मंडी से मनाली मार्ग पर अधिकतर स्थानों में ब्यास नदी राजमार्ग के साथ साथ बहती है। ऐसे में इस क्षेत्र में कार्य करना चुनौतीपूर्ण रहता है। एनएचएआई इन स्थानों पर कैसे कार्य कर रहा है और किस प्रकार की अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, इस बारे में भी टीम को अवगत करवाया गया।
टीम ने परवाणू-शिमला फोरलेन के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों के बारे में जानकारी ली। वहीं, किरतपुर-मनाली फोरलेन सड़क का अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि एनएचएआई की टीम ने प्रदेश में चल रहे सभी कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है। टीम ने पहाड़ों में राजमार्ग के निर्माण, फ्लाईओवर निर्माण और टनल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक तकनीक के बारे में अध्ययन किया।
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टीम ने समझा कि एनएचएआई किस प्रकार से पहाड़ों में राजमार्ग निर्माण के कार्यों को कर रहा है, साथ ही इन कार्यों को पूरा करने के लिए कौनसी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों ने टीम को हिमाचल में बनने वाले बड़े पुलों के ढांचे, फ्लाईओवर और टनल निर्माण से संबंधित जानकारी सांझा की। साथ ही राजमार्ग निर्माण में आने वाली चुनौतियों के बारे में भी टीम को अवगत करवाया। हिमाचल प्रदेश में चल रहे एनएचएआई के कार्यों से प्रभावित होकर पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे अपनी टीम के साथ हिमाचल प्रदेश में अध्ययन करने पहुंचे थे।
इस मौके पर उत्तराखंड से आई टीम के साथ एनएचएआई की टीम से रीजनल ऑफिसर शिमला कर्नल अजय सिंह बरगोती, पीआईयू शिमला के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद कुमार, पीआईयू हमीरपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विक्रम सिंह मीणा और पीआईयू मंडी के प्रोजेक्ट डायरेक्ट वरुण चारी उपस्थित रहे।
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मंडी से मनाली मार्ग पर अधिकतर स्थानों में ब्यास नदी राजमार्ग के साथ साथ बहती है। ऐसे में इस क्षेत्र में कार्य करना चुनौतीपूर्ण रहता है। एनएचएआई इन स्थानों पर कैसे कार्य कर रहा है और किस प्रकार की अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, इस बारे में भी टीम को अवगत करवाया गया।
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टीम ने परवाणू-शिमला फोरलेन के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों के बारे में जानकारी ली। वहीं, किरतपुर-मनाली फोरलेन सड़क का अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि एनएचएआई की टीम ने प्रदेश में चल रहे सभी कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है। टीम ने पहाड़ों में राजमार्ग के निर्माण, फ्लाईओवर निर्माण और टनल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक तकनीक के बारे में अध्ययन किया।
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टीम ने समझा कि एनएचएआई किस प्रकार से पहाड़ों में राजमार्ग निर्माण के कार्यों को कर रहा है, साथ ही इन कार्यों को पूरा करने के लिए कौनसी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों ने टीम को हिमाचल में बनने वाले बड़े पुलों के ढांचे, फ्लाईओवर और टनल निर्माण से संबंधित जानकारी सांझा की। साथ ही राजमार्ग निर्माण में आने वाली चुनौतियों के बारे में भी टीम को अवगत करवाया। हिमाचल प्रदेश में चल रहे एनएचएआई के कार्यों से प्रभावित होकर पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे अपनी टीम के साथ हिमाचल प्रदेश में अध्ययन करने पहुंचे थे।
इस मौके पर उत्तराखंड से आई टीम के साथ एनएचएआई की टीम से रीजनल ऑफिसर शिमला कर्नल अजय सिंह बरगोती, पीआईयू शिमला के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद कुमार, पीआईयू हमीरपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विक्रम सिंह मीणा और पीआईयू मंडी के प्रोजेक्ट डायरेक्ट वरुण चारी उपस्थित रहे।